स्मार्ट मॉडर्न पेरेंटिंग टिप्स
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बच्चे के अच्छे काम की करें प्रशंसा
बच्चों की हर गलती पर डांटने या चिल्लाने के बजाय उनके अच्छे कामों की सराहना करना भी जरूरी है। जब माता-पिता बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और कोशिशों की तारीफ करते हैं, तो इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित होता है। इसके विपरीत, आत्मविश्वास की कमी होने पर कुछ बच्चों को स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने, दूसरों के सामने अपनी बात रखने या नए काम करने में झिझक महसूस हो सकती है। ऐसे बच्चे छोटी-मोटी असफलताओं से भी निराश हो सकते हैं। इसलिए बच्चे की तुलना दूसरों से करने या उसकी कमियां गिनाने के बजाय उसकी मेहनत को पहचानें, गलतियों से सीखने का मौका दें और हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाएं। इससे उसे चुनौतियों का सामना करने और खुद पर भरोसा करना सीखने में मदद मिल सकती है।
बच्चों को समय देना जरुरी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों के लिए समय निकालना माता-पिता के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया है। काम की व्यस्तता के चलते कई बार वे चाहकर भी बच्चों के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पाते। हालांकि, बच्चों के बेहतर विकास के लिए माता-पिता का साथ और उनका भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी है। बच्चों के साथ रोजाना कुछ समय बिताएं, उनकी बातें ध्यान से सुनें और उनकी पसंद की गतिविधियों में शामिल हों। इससे बच्चे को अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करने का मौका मिलता है और माता-पिता के साथ उसका रिश्ता भी मजबूत होता है।