फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri Day 3 Wishes: मां चंद्रघंटा के मंत्र जाप से करें तृतीय नवरात्रि की शुरुआत, प्रियजनों को भेजें संदेश

Wed, 24 Sep 2025 07:19 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

navratri 2nd day wishes in hindi: यहां मां चंद्रघंटा की तस्वीरें, बीज मंत्र, पूजन मंत्र और आरती दी जा रही है, जिसे वाॅलपेपर के तौर पर सभी को भेजकर पूजन और जाप करें। 
विज्ञापन
1 of 5
देवी चंद्रघंटा - फोटो : अमर उजाला
Navratri 2nd Day Wishes in Hindi: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के 3 तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस वर्ष 22 सितंबर 2025 से शुरू हुई नवरात्रि का तृतीय दिन 24 अक्तूबर को पड़ रहा है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। मां चंद्रघंटा की सवारी बाघ है। उनका शरीर स्वर्ण के समान चमकीला, मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है। उनके इसी स्वरूप के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।

मां चंद्रघंटा की 10 भुजाओं में अलग-अलग शस्त्र विभूषित हैं। उनके गले में सफेद फूलों की माला और उनकी मुद्रा युद्ध के लिए तैयार रहने वाली होती है। तृतीय नवरात्रि की शुरुआत मां चंद्रघंटा के पवित्र मंत्रोच्चारण के साथ करें। साथ ही चालीसा का पाठ और आरती गाएं।इस वर्ष शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन अपने सभी करीबियों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजते हुए मां चंद्रघंटा के पूजन मंत्र के जाप के लिए प्रोत्साहित करें। यहां मां चंद्रघंटा की तस्वीरें, बीज मंत्र, पूजन मंत्र और आरती दी जा रही है, जिसे वाॅलपेपर के तौर पर सभी को भेजकर पूजन और जाप करें। 
 
विज्ञापन

2 of 5
मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र - फोटो : अमर उजाला
मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र

ऐं श्रीं शक्तयै नम:।

 
विज्ञापन

3 of 5
नवरात्रि माता तीसरा स्वरूप - फोटो : Amar Ujala
मां चंद्रघंटा पूजन मंत्र

पिंडजप्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।

4 of 5
मां चंद्रघंटा की आरती - फोटो : अमर उजाला
मां चंद्रघंटा की आरती
 
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे काम।
चंद्र समान तू शीतल दाती। चंद्र तेज किरणों में समाती।
क्रोध को शांत बनाने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालक मन भाती हो। चंद्रघंटा तुम वरदानी हो।
सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट में बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाए।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योति जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता।
कांचीपुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटूं महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नवरात्रि तीसरा दिन मां चंद्रघंटा - फोटो : Amar Ujala
मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग

मां चंद्रघंटा को खीर का भोग अर्पित करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है। खासकर मखाने और केसर से बनी खीर उनकी पूजा में प्रमुख होती है। ये स्वादिष्ट और पौष्टिक भोग न केवल देवी को प्रिय होता है, बल्कि इसे खाने से भक्तों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें