कैप्सूल के रूप में बनाई गई इंसुलिन की दवा छोटी आंत में पहुंच कर इंसुलिन को रिलीज करना शुरु कर देगी। शरीर में इंसुलिन पहुंचाने के लिए सबसे सही अंग छोटी आंत ही है। जहां से इस टैबलेट पर चढ़ी सुरक्षात्मक परत- पॉली(मेथैसेलेटिक एसिड-को-एथिल एक्रिलैट) से बनी होती है, जिसे 5.5 से अधिक पीएच में आसानी से घुलने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। यह रिसर्च मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है।