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Relationship Tips: वैवाहिक जीवन में माता-पिता के हस्तक्षेप से हो सकते हैं ये नुकसान, जानिए उनको कैसे रोकें

Fri, 07 Feb 2025 12:36 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

माता-पिता जो जन्म से आपके जीवन के हर फैसले में शामिल रहे हैं, उन्हें आपके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप से रोकना चाहिए। हालांकि इसके लिए सही तरीका अपनाएं। माता-पिता को अपने वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप से रोकने के लिए कुछ खास तरीके अपना सकते हैं।
 
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परिवार - फोटो : istock
Relationship Tips: अपने माता-पिता को सबकुछ बताना या अभिभावकों के साथ बच्चों का पारदर्शी व्यवहार होना एक अच्छे और स्वस्थ रिश्ते की पहचान है। लेकिन जब बच्चे की शादी हो जाती है तो अपने पार्टनर के साथ उसके निजी रिश्तों को अभिभावकों से साझा करना नुकसानदायक भी हो सकता है। अक्सर विवाह के बाद बेटी अपने माता-पिता को ससुराल की हर एक्टिविटी, उसके पति व ससुराल से रिश्ते आदि के बारे में बताती है। ऐसा ही हाल बेटे के परिवार का होता है, जो कि अपने बेटे और बहू के रिश्तों को करीब से देखते हैं और उसमें हस्तक्षेप करते हैं। इसका असर उनके ही बच्चों के रिश्ते बिगाड़ सकता है। ऐसे में शादी के बाद कपल को पार्टनर संग उनके रिश्ते के बारे में हर बात नहीं बतानी चाहिए।

माता-पिता जो जन्म से आपके जीवन के हर फैसले में शामिल रहे हैं, उन्हें आपके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप से रोकना चाहिए। हालांकि इसके लिए सही तरीका अपनाएं। माता-पिता को अपने वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप से रोकने के लिए कुछ खास तरीके अपना सकते हैं।
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माता-पिता की हर सलाह न मानें - फोटो : Adobe stock
माता-पिता की हर सलाह न मानें
 
आपके 20 या उससे अधिक सालों से चली आ रही स्थिर जीवनशैली में शादी एक अचानक आए बदलाव की तरह होती है। ऐसे में नई-नई शादी के बाद माता-पिता अपने बच्चे से उनके वैवाहिक जीवन का अनुभव शेयर करते हैं। उन्हें ये बताते हैं कि शादी के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं। हालांकि ये जीवन आपको अपने पार्टनर के साथ तय करना है। ऐसे में माता-पिता की हर सलाह को अपनाना खुशहाल रिश्ते के लिए समाधान नहीं हो सकता है। अपनी हर जिज्ञासा को माता पिता की सलाह और अनुभवों से कम करने का प्रयास न करें। माता-पिता के लिए एक समय तक करें और सुनिश्चित करें कि अपने साथी को वक्त दे सकें। ताकि साथी और अभिभावक दोनों ही इस रिश्ते को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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सीमाएं तय करें - फोटो : Adobe stock
सीमाएं तय करें  

ये तय करें कि आपके जीवन में कौन सी बातें माता-पिता को जानने की जरूरत नहीं है या उनसे किस बारे में राय नहीं ले सकते हैं। अगर आपके माता-पिता आपकी शादी में हस्तक्षेप करते हैं और समय-समय पर आपको सलाह देते रहते हैं तो उन्हें कुछ भी विस्तार से बताने से बचें। उनके समक्ष सोच-समझ कर अपने वैवाहिक रिश्ते और पार्टनर के बारे में बात करें।

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सीधा संवाद करें - फोटो : Adobe stock
सीधा संवाद करें

आपके माता-पिता के हस्तक्षेप को कम करने में आपके पार्टनर का भी योगदान हो सकता है। अक्सर ससुराल में बहू सास के हस्तक्षेप से परेशान हो जाती हैं और पति से अपनी समस्या बताने पर विवाद होने की संभावना के डर में रहती हैं। ऐसे में जरूरी है कि पति अपनी पार्टनर की समस्या को समझें। वह अपने माता-पिता को समझाएं कि उनका दायरा कितना है। बहू खुद भी अपने सास-ससुर से सीधा संवाद कर सकती हैं। साथी के माता-पिता के साथ सीधा और खुला संवाद रखने से भ्रम की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और एक बेहतर रिश्ता सक्रिय हो जाएगा।
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साथ समय बिताएं - फोटो : istock
साथ समय बिताएं

कई बार माता-पिता बच्चों के रिश्ते में हस्तक्षेप करते हैं, क्योंकि उन्हें आपके रिश्ते को सुधारने की फ्रिक रहती हैं। उन्हें लगता है कि शायद आप शादी की जिम्मेदारियों और दायित्वों को निभाने में निपुण नहीं हैं। ऐसा संवाद की कमी के कारण हो सकता है। जब आप और आपका पार्टनर माता-पिता के साथ अधिक वक्त बिताते हैं तो उन्हें ये समझने का खुद ही मौका मिल जाता है कि आप अपने रिश्ते, परिवार को संभालने में समक्ष हैं। उनकी चिंताओं को कम करने के लिए माता पिता के साथ वक्त बिताएं और उन्हें अपने रिश्ते की खूबसूरती को दर्शाएं।
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असुरक्षा की भावना कम करें - फोटो : istock
असुरक्षा की भावना कम करें   

बच्चे को खोने के डर से माता-पिता शादी के बाद भी उनके संबंधों में अपनी राय देते हैं। वह अपने बच्चे पर अधिकार जताने की कोशिश करते हैं। ऐसा असुरक्षा से उपजी उनकी भावनाओं के कारण होता है। माता -पिता की इस असुरक्षा को भी कम करने का प्रयास करें। उन्हें बताएं कि आप शादी के बाद भी उनके बेटे/ या बेटी ही रहेंगे। उनका स्थान आपके जीवन में सबसे ऊपर और अलग है। आधिपत्य जमाने से रिश्ते बिगड़ेंगे ना कि सुधरेंगे।
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तुलना से खुद को रोकें - फोटो : Adobe stock
खुद को रोकें

कई बार आप खुद अपने माता -पिता को पार्टनर संग रिश्ते के बीच में ले आते हैं। जब पुरुष अपनी मां के हाथ के बने खाने की तुलना पत्नी की कुकिंग से करते हैं या महिलाएं अपने पिता या भाई की तुलना पति से करती हैं तो भी जाने-अनजाने वे एक दूसरे के बीच अपने अभिभावकों को ले आते हैं, जिससे उनके रिश्ते में विवाद आ सकता है। अपने आप पर भी  आपको नियंत्रण रखना होगा।
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