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Relationship Tips: सास-बहू में दूरियां? अपनाएं ये 5 नियम और बनाएं मां-बेटी जैसा रिश्ता

Tue, 02 Dec 2025 11:22 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bond Between Saas-bahu: थोड़ी समझदारी, थोड़ी नर्मी और कुछ जरूरी बातें अगर शुरुआत में ही तय हो जाएं तो बहू का रिश्ता सास के साथ मां  बेटी जैसा बन सकता है। यहां जानिए वो 5 बातें, जो हर सास-बहू को शादी के बाद खुलकर कर लेनी चाहिए।
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सास बहू का रिश्ता मजबूत कैसे होगा - फोटो : Adobe stock
Bond Between Saas-bahu: शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवार, उनकी अलग सोच और संस्कृतियों का भी मिलन है। शादी के बाद नई दुल्हन को एक साथ कई सारे रिश्ते और पद मिल जाते हैं। इन रिश्तों की भीड़ में एक गहरा, नाज़ुक और बेहद महत्वपूर्ण रिश्ता होता है सास और बहू का। भारतीय परिवारों में सास-बहू के रिश्ते पर ही घर की खुशियां टिकी होती है। अगर उनके बीच का रिश्ता संभल जाए तो परिवार में सभी खुश रहते हैं लेकिन अगर सास और बहू के बीच दूरी आ जाए तो छोटी से छोटी बात बड़ी बन जाती है।

आज की बहू आधुनिक है, अपने सपनों के साथ घर में कदम रखती है। वहीं सास अपने जीवन के अनुभव और उम्मीदों से भरी होती है। ऐसे में बस थोड़ी समझदारी, थोड़ी नर्मी और कुछ जरूरी बातें अगर शुरुआत में ही तय हो जाएं तो बहू का रिश्ता सास के साथ मां  बेटी जैसा बन सकता है। यहां जानिए वो 5 बातें, जो हर सास-बहू को शादी के बाद खुलकर कर लेनी चाहिए।

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सास बहू करें ये बातें तय - फोटो : Adobe stock

उम्मीदों पर खुलकर बात हो

शुरुआत में ही एक-दूसरे की उम्मीदों को साफ कर लेना शांति देता है। सास को बताना चाहिए कि वह घर की किन-किन जिम्मेदारियों में बहू का साथ चाहेगी और बहू भी अपनी सीमाओं, करियर और प्राथमिकताओं के बारे में खुलकर बोले। क्योंकि जब उम्मीदें अधूरी रह जाती हैं, तब रिश्ते को नुकसान होता है।

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सीमाएं तय करें - फोटो : istock

सीमाएं तय करना भी प्यार की ही भाषा

बहू अपनी निजता के लिए शब्द चुने और सास इसे समझे। निजी स्पेस, कपल टाइम, काम का बंटवारा, इन सब पर आराम से बात की जाए। अगर सास और बहू को उनकी सीमाएं पता होंगी तो साथ में रहना आसान हो जाएगा। वहीं अगर इन सीमाओं को अनजाने में पार किया जाता है तो ये अक्सर बड़े झगड़े की वजह बन जाते हैं। 

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अनुभव और सपने साझा करें - फोटो : Adobe

अतीत की कहानियां साझा हों

सास अपने अनुभव, संघर्ष और भावनाएं बताए। बहू अपने बचपन, परिवार और सपनों की कहानी खोले। दिल खोलकर एक दूसरे से बात करें। इससे दोनों एक दूसरे को, उनकी पृष्ठभूमि और रहन सहन को समझ पाते हैं। इससे रिश्ता संभालना आसान हो जाता है। 

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मिलकर घर के नियम बनाएं - फोटो : Adobe

घर के नियम मिलकर तय हों

किस बात को हां और किस बात को ना कहना है, यह फैसला मिल बैठकर किया जाए। सास घर के नियम बहू पर थोपें नहीं, बल्कि बहू के साथ मिलकर तय करें कि क्या नियम घर में होने चाहिए और क्या नहीं। वहीं बहू आजादी का मतलब सास को सही तरीके से समझाएं। नियमों का बोझ और आजादी का गलत मतलब दोनों के बीच विवाद की स्थिति को जन्म देता है। जब दोनों एक दूसरे की सुविधा का सम्मान करेंगी, तभी घर खुशहाल घर बन पाएगा। 

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ताने नहीं सराहना करें - फोटो : Adobe stock

तारीफ करने में कंजूसी क्यों?

बहू के हर छोटे काम पर सास की सराहना रिश्ते को सुगंध देती है और सास की हर कोशिश पर बहू का सम्मान उसकी थकान मिटा देती है। रिश्ते दुआओं और तारीफ पर चलते हैं, ताने पर नहीं। इसलिए एक दूसरे की अच्छी आदतों को देखें और सराहना करें। ताने मारने से बचें।

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