विवाह के साथ जुड़ते परिवार
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3. अपनी अपनी पसंद
बहु को कहाँ क्या पहनना चाहिए, क्या खाना चाहिए, कितने लम्बे बाल रखना चाहिए, वह फलां सीरियल क्यों देखती है, उसके कमरे के पर्दे कितने भड़कीले हैं और उसने बेटे को फ्लोरल प्रिंट की कमीज क्यों दी जैसी तमाम बातें बेमानी हैं। इसी तरह सास फलां जगह से सामान क्यों खरीदती हैं, सोफे के कुशन कितने खराब रंग के लाईं, नॉनस्टिक पैन यूज क्यों नहीं करतीं आदि जैसी चीजें भी मायने नहीं रखतीं। हर एक व्यक्ति की पसंद और काम करने का तरीका अलग और उसकी अपनी सुविधा के अनुरूप होता है। एक ही परिवार में किन्ही दो लोगों की पसंद तक एक जैसी नहीं होती। इसलिए इन बातों को मुद्दा न बनायें। हाँ अगर कोई आपसे राय मांगे तो उसे विनम्रता से अपनी पसंद जरूर बता दें, बजाय किसी पर भी अपनी पसंद थोपने के।