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Parenting Mistakes: बच्चा बोलने लगा है झूठ? माता-पिता की ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

Wed, 09 Jul 2025 01:47 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Parenting Mistakes: अभिभावक बच्चों को ऐसा ऐसा माहौल दें, जहां वे बिना डरे सच्चाई कह सकें। याद रखें, बच्चे वही सीखते हैं जो वो अपने आस-पास देखते हैं। आइए जानते हैं माता पिता की पांच सामान्य गलतियां जो बच्चे को झूठ बोलने पर मजबूर कर देती हैं।
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इन कारणों से बच्चा झूठ बोलता है - फोटो : Adobe stock
Parenting Mistakes: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा ईमानदार, समझदार और सच्चाई पर चलने वाला बने। लेकिन कई बार बच्चे अचानक से झूठ बोलने लगते हैं और माता-पिता हैरान रह जाते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। दरअसल, इसके पीछे बच्चे की गलती नहीं बल्कि पैरेंट्स की कुछ छोटी-छोटी गलतियां जिम्मेदार होती हैं। ऐसे में अगर बच्चों को झूठ से दूर रखना है तो पहले हमें अपने व्यवहार को ईमानदार और समझदारी भरा बनाना होगा। अभिभावक बच्चों को ऐसा ऐसा माहौल दें, जहां वे बिना डरे सच्चाई कह सकें। याद रखें, बच्चे वही सीखते हैं जो वो अपने आस-पास देखते हैं। आइए जानते हैं माता पिता की पांच सामान्य गलतियां जो बच्चे को झूठ बोलने पर मजबूर कर देती हैं।
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सजा का डर दिखाना - फोटो : Adobe stock
सजा का डर दिखाना

जब बच्चा कुछ गलत करता है और अभिभावक उसे सजा देने की धमकी देते हैं तो अगली बार वह डर की वजह से सच्चाई छुपाने लगता है। इससे वह झूठ बोलने की आदत डाल लेता है। गलतियां तो सभी करते हैं लेकिन अपनी गलती मानकर बच्चा उसे माता पिता के सामने तभी कबूल करेगा जब उसे ये डर नहीं होगा कि सच्चाई बताने पर उसे सजा मिल सकती है।
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ओवररिएक्ट करना - फोटो : Istock
ओवररिएक्ट करना

अगर आप छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करते हैं या चीखते-चिल्लाते हैं तो बच्चा सोचता है कि सच्चाई बताकर परेशानी मोल लेना ठीक नहीं। ऐसे में वो झूठ को सुरक्षा कवच बना लेता है। अपने जीवन से जुड़ी कोई बात बताने से बेहतर वह बात छुपाना समझता है।

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बच्चे की भावनाओं को नजरअंदाज करना - फोटो : adobe
बच्चे की भावनाओं को नजरअंदाज करना

जब बच्चे की बातों को अनसुना कर दिया जाता है या उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता तो वे अपने विचार और सच्चाई छुपाना शुरू कर देते हैं। अक्सर जाने-अनजाने में माता-पिता बच्चे के विचार या उसकी पसंद व सोच को न सुनकर अपना फैसला सुना देते हैं। अभिभावक की ये आदत बच्चे को उनके सामने सच बोलने से रोकने लगती है।
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खुद झूठ बोलना - फोटो : freepik.com
खुद झूठ बोलना

अगर माता-पिता खुद दूसरों से झूठ बोलते हैं, जैसे- फोन पर बोल दो 'मैं घर पर नहीं हूं।' तो बच्चा इसे सामान्य मानने लगता है और वो भी वैसा ही करने लगता है। वहीं माता-पिता एक दूसरे से भी कई बार बच्चे के सामने झूठ बोलते हैं। यह सब देख वह झूठ को सामान्य बात मानकर अपनी आदत में झूठ को शामिल कर सकता है।
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हर गलती पर आलोचना करना - फोटो : Adobe stock
हर गलती पर आलोचना करना

बच्चा अगर कुछ गलत करता है और माता-पिता सिर्फ उसकी आलोचना करते हैं तो वह अगली बार सच्चाई छुपाना पसंद करता है ताकि शर्मिंदगी से बच सके। ऐसा आमतौर पर स्कूल टेस्ट में मिलने वाले कम अंकों के वक्त देखा जाता है। माता-पिता उसके अंकों से नाखुशी सामने जाहिर करते हैं, ऐसे में बच्चा अगली बार उन्हें अपनी रिपोर्ट कार्ड दिखाने से बचता है और झूठ बोलने लगता है।
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