Ram Navami 2023: भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पुष्य नक्षत्र में हुआ था। भगवान श्रीराम एक आदर्श बेटे, भाई, पिता और राजा थे। हालांकि प्रभु राम को पत्नी सीता भी एक आदर्श जीवनसंगिनी थीं। माता सीता और राम जी का रिश्ता जन्म जन्मांतर का है। अयोध्या नरेश दशरथ और राम के पिता की तीन रानियां थी। उस दौर में जब राजा की कई रानियां हुआ करती थीं, तब भी भगवान राम की एक ही पत्नी थी। माता सीता की गैर मौजूदगी में भी श्रीराम ने दूसरे विवाह का कभी न सोचा। वहीं माता सीता एक राजकुमारी होते हुए भी अपने पति के साथ वनवास जाने से लेकर हर पग पर कठिनाई सहने तक उनके साथ रहीं। श्रीराम और माता सीता का प्रेम, उन का अटूट रिश्ता, उनके रिश्ते की पवित्रता हर पति-पत्नी के लिए प्रेरणादायक है। दोनो के रिश्ते की कुछ खास बातें हैं जो हर पति-पत्नी को अपने जीवन में भी अपनानी चाहिए। अगर आप भी सीता-राम की तरह एक आदर्श पति पत्नी बनना चाहते हैं तो उनके रिश्ते से पांच गुणकारी बातें सीखें।