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Pre-Wedding Tips: बेटी की शादी में बचा है एक महीने का वक्त? मां जरूर बता दें ये पांच बातें

Mon, 10 Nov 2025 03:20 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pre-Wedding Tips For Daughter: दिसंबर-जनवरी में बहुत सी बेटियां दुल्हन बनने वाली हैं। अगर आपकी बेटी की शादी में एक महीने का वक्त ही बचा है तो उसे पांच बातें सिखा दें ताकि वह किसी भी परिस्थिति में अपने जीवन को खूबसूरती से संभाल सके।
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शादी से पहले बेटी को सिखाएं ये पांच बातें - फोटो : Adobe
Pre Wedding Tips: शादी हर लड़की के जीवन का सबसे बड़ा पड़ाव होता है। यहां से उसके जीवन की एक नई शुरूआत होती है, जो कई बदलाव लेकर आती है। ये सिर्फ नई जगह या रिश्तों में ढलने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जिम्मेदारियां संभालने, परिपक्वता का दौर भी होता है। 

हर माता-पिता के लिए बेटी की विदाई से पहले सबसे जरूरी यही होता है कि वे उसे ऐसे गुण सिखाएं जो बेटी को आने वाले जीवन में आत्मविश्वासी और सक्षम बनाएं ताकि वह एक अच्छी पत्नी, बहू और मां की भूमिका और जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हो सके। इसलिए शादी से पहले बेटी को कुछ जरूरी बातें जरूर सिखा देनी चाहिए। 

शादी का दौर शुरू हो गया है। दिसंबर-जनवरी में बहुत सी बेटियां दुल्हन बनने वाली हैं। अगर आपकी बेटी की शादी में एक महीने का वक्त ही बचा है तो उसे पांच बातें सिखा दें ताकि वह किसी भी परिस्थिति में अपने जीवन को खूबसूरती से संभाल सके।
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आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी - फोटो : Adobe
आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी

बेटी को सिखाएं कि शादी के बाद हर काम अपनी ज़िम्मेदारी समझकर करे। चाहे घर संभालना हो या खुद की देखभाल करना हो, उसे सब करना आना चाहिए। उसे अपनी जरूरतों को खुद पूरा करना और समय का प्रबंधन करना आना चाहिए। आत्मनिर्भर महिला हर परिस्थिति में मजबूत रहती है।
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cooking - फोटो : Adobe stock
बेसिक कुकिंग स्किल्स

भले ही आज घरों में सब कुछ ऑनलाइन या हेल्पर की मदद से हो जाता है, लेकिन स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना बनाना एक कला है। बेटी को सिखाएं कि घर के लिए भोजन सिर्फ पेट भरने का नहीं, बल्कि रिश्ते जोड़ने का जरिया होता है। दाल-चावल, रोटी-सब्जी या कोई पसंदीदा मिठाई, खुद बनाने का आत्मविश्वास बड़ा असर डालता है।

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संवाद और सहनशीलता की कला - फोटो : Adobe
संवाद और सहनशीलता की कला

वैवाहिक जीवन का आधार संवाद है। बेटी को समझाएं कि हर मतभेद का समाधान संवाद से होता है, तकरार से नहीं। अपनी बात रखते हुए दूसरों की राय को भी सुनना और सम्मान देना सीखना ज़रूरी है। जब बेटी ससुराल में दूसरों की बातों से सुनने और समझने योग्य होगी और खुद भी अपनी बातें सही तरीके से कहना जानती होगी, तभी रिश्तों को आसानी से संभाल पाएगी
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आर्थिक समझ और बचत का हुनर - फोटो : Pexel
आर्थिक समझ और बचत का हुनर

बेटी को सिखाएं कि आर्थिक आत्मनिर्भरता वैवाहिक जीवन का मजबूत स्तंभ है। छोटी-छोटी बचत, बजट बनाना और खर्च में संतुलन रखना एक महिला को समझदार बनाता है।
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आत्मसम्मान बनाए रखना सिखाएं - फोटो : istock
खुद से प्यार और आत्मसम्मान बनाए रखना

हर स्थिति में बेटी को अपनी पहचान बनाए रखना सिखाएं। खुद से प्यार करना, आत्मविश्वास से निर्णय लेना और ‘ना’ कहना सीखना उतना ही जरूरी है जितना दूसरों को खुश रखना।
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