एक दूसरे को समझने का समय लें
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एक-दूसरे को समझने का अपर्याप्त समय
चाहे प्रेम विवाह हो या अरेंज मैरिज, अगर आपको लगता है कि आपको अपने पार्टनर को जानने का पर्याप्त मौका और समय नहीं मिल पाया है तो भी विवाह का निर्णय लेने से बचें। एक-दूसरे को जानने का मतलब केवल कमियों-खूबियों को जानना भर नहीं है। जीवन, भविष्य, रिश्तों आदि के बारे में कोई क्या सोचता है, यह ज्यादा मायने रखता है। इसलिए विवाह के रिश्ते में जुड़ने से पहले हमेशा एक-दूसरे को जानने का समय लें। खासकर यदि आपको किसी बात को लेकर संशय है तो खुलकर उस बारे में बात करें, समझें और फिर निर्णय लें।