फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pre Marriage tips: क्या आप शादी के लिए तैयार हैं? इन 5 बातों से जानें

Tue, 03 Jan 2023 12:30 PM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
उम्र भर का रिश्ता बनाने से पहले विचार करें - फोटो : फाइल फोटो
जोड़ियां आसमानों में बनती हैं लेकिन इन्हें धरती पर ही निभाया जाता है। आजकल रिश्तों की डोर इतनी कच्ची होने लगी है कि कम समय में ही टूटने लगती है। जबकि यह रिश्ता तो उम्रभर के लिए साथ होता चाहिए। विवाह करके अपना परिवार बसाने और खुशियां पाने का सपना सबका होता है लेकिन कई बार यह फैसला इतनी जल्दबाजी में लिया जाता है कि कुछ दिन बाद ही सपने के टूटने जैसा आभास होने लगता है। 
शादी करने और अपनी रिलेशनशिप को स्थाई रूप देने का निर्णय आसान नहीं होता। इसके पहले कई बातों पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत होती है क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए फैसले अक्सर लम्बे नहीं टिक पाते। खासकर आजकल के दौर में जब रिश्ते स्टेटस अपडेट से भी अधिक आसानी से चेंज कर दिए जाते हैं। ऐसे अगर आप अपने रिश्ते को जीवनभर के साथ का नाम देने का फैसला करने वाले हैं तो जरूरी है कि कुछ बातों को ध्यान में रखें, जैसे-
विज्ञापन

2 of 7
पक्की हो रिश्ते की नींव - फोटो : Social Media
उम्र भर का फैसला 

जिस तेजी से आजकल सामाजिक स्थितियां बदल रही हैं, उसका असर रिश्तों पर भी पड़ा है। खासकर युवाओं में रिश्तों के निबाह को लेकर कई तरह के असमंजस और भय भी पनप रहे हैं। इसके चलते यदि वे भावनावश या स्थितिवश विवाह का निर्णय ले भी लेते हैं तो जल्द ही दम्पत्ति के बीच मनमुटाव और तकरार शुरू होने लगती है। ऐसा लगने लगता है कि गलत फैसला ले लिया। यही कारण है कि टूटते रिश्तों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और विवाह नाम की एक बहुत महत्वपूर्ण संस्था के प्रति लोगों के मन में अनिश्चितता सी पनपने लगी है। जरूरी है कि जीवनभर के इस साथ से पहले एक बार खुद का आकलन किया जाए, ताकि रिश्ता लम्बा हो, खुशहाल हो और निर्णय पर कभी पछतावा न हो। 
विज्ञापन

3 of 7
हर स्थिति में बना रहे प्रेम - फोटो : istock
इन बातों को सोचें और समझें 
 
सामंजस्य बैठाने में हैं कच्चे तो... 

आप स्थितियों से समझौता करने या एडजस्टमेंट करने से कतराते हैं, तो विवाह के बंधन में बंधने से पहले थोड़ा समय खुद को सुधारने के लिए दें। हालांकि अधिकांश मामलों में यह उम्मीद महिलाओं से की जाती है कि वे हर वातावरण से सामंजस्य बैठा लेंगी, लेकिन यह स्त्री-पुरुष दोनों के लिए ही जरूरी है। लम्बे समय में यह व्यवहार दिक्कत दे सकता है। कभी-कभार, किसी बात के लिए एडजेस्टमेंट न कर पाना अलग बात है लेकिन हमेशा साथ रहने पर यह आदत दिक्कत दे सकती है। चाहे आप लम्बी कोर्टशिप के बाद ही विवाह क्यों न कर रहे हों, इस बारे में विचार जरूर करें कि सामंजस्य का मतलब रिश्ते को धैर्य से सहेजना होता है। यदि आपस में प्रेमभाव है तो पति- पत्नी दोनों में स्थितियों के अनुरूप थोड़ा बहुत सामंजस्य बैठाने की आदत होनी चाहिये।  यहाँ सामंजस्य बैठाने का मतलब गलत या प्रताड़ना को सहन करना नहीं है। 
 

4 of 7
रिश्ते को तोड़ता है अहम - फोटो : iStock
केवल मैं ही सही, नहीं

आप अपनी गलतियों को कभी नहीं स्वीकारते या केवल अपना ही पक्ष सही साबित करने पर तुले रहते हैं तो भी आपको विवाह बंधन में बंधने की जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। अगर अब तक आपका परिवार आपकी इस बात को सहन कर रहा है तो जरूरी नहीं कि आने वाले समय में आपका जीवनसाथी भी ऐसा करे। बल्कि भावनात्मक रूप से यह उसके लिए सजा बन जायेगा। किसी भी बात के दो पहलू होते हैं, इसलिए केवल किसी एक पहलू का पल्लू पकड़कर अपनी बात पर अड़े रहना कभी भी समाधान नहीं दे सकता। इस आदत को सुधारने की कोशिश करें। 
विज्ञापन

5 of 7
एक दूसरे को समझने का समय लें - फोटो : istock
एक-दूसरे को समझने का अपर्याप्त समय 

चाहे प्रेम विवाह हो या अरेंज मैरिज, अगर आपको लगता है कि आपको अपने पार्टनर को जानने का पर्याप्त मौका और समय नहीं मिल पाया है तो भी विवाह का निर्णय लेने से बचें। एक-दूसरे को जानने का मतलब केवल कमियों-खूबियों को जानना भर नहीं है। जीवन, भविष्य, रिश्तों आदि के बारे में कोई क्या सोचता है, यह ज्यादा मायने रखता है। इसलिए विवाह के रिश्ते में जुड़ने से पहले हमेशा एक-दूसरे को जानने का समय लें। खासकर यदि आपको किसी बात को लेकर संशय है तो खुलकर उस बारे में बात करें, समझें और फिर निर्णय लें। 
विज्ञापन

6 of 7
खुलकर करें हर पक्ष पर बात - फोटो : istock
मजाक नहीं है बदलना 

आपके पार्टनर में कुछ आदतें ऐसी हैं जो उसके और आपके भविष्य में तनाव की वजह बन सकती हैं। उदाहरण के लिए किसी बुरी लत या नशीले पदार्थ का सेवन, बेवजह झगड़ा करने की आदत, अभद्र भाषा का प्रयोग आदि। अगर आप ये सोचकर विवाह का निर्णय ले रहे हैं कि आप अपने पार्टनर की उन आदतों को बदल देंगे या शादी के बाद वे आदतें छूट जाएंगी, तो रुककर सोचिये। यह कोई ग्यारंटी नहीं कि वे आदतें बदल ही जाएँगी। इसलिए इसके बारे में पहले खुलकर बात करें और सोचकर निर्णय लें। यही बात तब भी लागू होती है जब आप अपने होने वाले जीवनसाथी के पहनावे, खान-पान आदि को शादी के बाद बदलने की सोच रखते हैं। देखने में ये भले ही सामान्य बातें लगें लेकिन आगे जाकर बड़े मनमुटाव का कारण बन सकती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
साझे भविष्य के लिए साझी हों जिम्मेदारियां - फोटो : istock
यह भी ध्यान में रखें

शादी के बाद जाहिर है कि परिवार, समाज और स्वयं से जुड़ी प्राथमिकताएं और जिम्मेदारियां बदल जाती हैं। क्या आप इसके लिए खुद को तैयार पाते हैं? अगर जिम्मेदारियों के नाम भर से डरते या कतराते हैं तो अभी आपके लिए विवाह के रास्ते पर आगे बढ़ना ठीक नहीं है। विवाह आपके जीवन का एक बड़ा और महत्वपूर्ण परिवर्तन होता है। चाहे आप अपने जीवनसाथी को लम्बे समय से जानते हों तो भी शादी के बाद जिम्मेदारियां और स्थितियां बदलती हैं। यह बदलाव सकारात्मक भी होता है क्योंकि आपको सहयोग देने वाला साथी भी मिलता है। इसलिये इस बदलाव के लिए खुद को तैयार करके ही आगे बढ़ें। आने वाली स्थितियां आपके साझे भविष्य को तय करेंगी इस बात का ख्याल करें। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें