मर्द को डर नहीं लगता
अगर आप भी ऐसी सोच रखते हैं तो पहले खुद को बदलें और बच्चे के मन में ये बातें ना डालें। लड़का और लड़की की भावनाएं बांटकर आप गलत कर रहे हैं। डर किसी को भी लग सकता है।
बेटों को गले ना लगाना
भावनाएं और काम बांटते-बांटते आप अपने मन में ही सोच लेते हैं कि 'बेटा है तो भावात्मक तौर पर मजबूत ही होगा'। हालांकि अनजाने में आप बड़ी गलती कर रहे हैं। आपके बेटे को भी हर मोड़ पर भावात्मक सपोर्ट की जरुरत पड़ सकती हैं। बेटों की उम्र और कद को एक ओर रखते हुए उन्हें अपने करीब रखें। बेटे ग्रोइंग एेज में हों या बड़े हो जाएं माता-पिता होने के नाते उन्हें प्यार भरे 'ह्यूमन टच' के विषय में समझाना आपकी जिम्मेदारी है और अपना प्यार जरूर दिखाएं।