हर किशोर होते बच्चे के अभिभावक की यहीं परेशानी है कि उनका बच्चा न ही उनकी कोई बात सुनता है और न ही मानता है। ऐसे में आपको बिना उन बच्चों पर गुस्सा हुए ये सोचना होगा कि कैसे उन्हें समझाएं क्योंकि न आप उन्हें बच्चों की तरह ट्रीट कर सकते हैं और न हीं एक बड़े की तरह क्योंकि इन बच्चों का दिमाग उतना विकसित नहीं होता है। इसलिए आपको अपनी समझदारी से बीच का रास्ता निकालना होगा। ताकि वो आपकी बात को सुनें और समझें।