छोटे बच्चों के साथ एक्टिविटी से जुड़ें
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बहुत छोटे बच्चों को ज्यादा समझाएं नहीं
अगर 2 या 3 साल के एक बच्चे से आप उम्मीद करेंगे कि वह तुरंत सारी स्थितियां समझ जाएगा तो यह नामुमकिन है। नवजात शिशु के साथ ही इतने छोटे पहले बच्चे को भी आपका सारा अटेंशन और देखभाल चाहिए होती है। इसलिए अपने रूटीन को दोनों बच्चों के हिसाब से बदलें। इस समय दोनों ही पैरेंट्स को और हो सके तो परिवार या मित्रों की भी मदद से ऐसा रूटीन तैयार करना चाहिए जिससे दोनों बच्चों के साथ ही आपको भी आराम का पर्याप्त मौका मिल सके।
इसका एक सबसे अच्छा तरीका है, दोनों बच्चों के खाने, सोने आदि जैसे कामों के लिए एक जैसा समय तय करें। इसके लिए शुरुआत में थोड़ा समय लगेगा लेकिन कुछ ही दिनों में यह समय सैट हो जायेगा और दोनों बच्चों के साथ आपको भी आराम का समय मिलेगा। साथ ही इससे दोनों बच्चों को संभालने की एनर्जी भी आप में रहेगी। बहुत छोटे बच्चे को हर बात कहकर समझाने की जरूरत नहीं। दिनभर में कई बार उसको गले लगाने, उसके साथ कार्टून देख लेने, कोई स्टोरी बुक पढ़ने, उसके खिलौनों से खेलने, उसके साथ मिलकर बेबी के लिए गाने ढूंढने/बनाने, उसका होमवर्क करवाने, जैसी एक्टिविटीज़ में जुड़े रहें। ये काम पैरेंट्स को मिलकर करना है।