मोनिका अग्रवाल
व्यस्त मां के लिए बच्चों के खाने को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। वे क्या खाएंगे, कौन बनाएगा, सही पोषण कैसे मिलेगा और कहीं वे बीमार न पड़ जाएं आदि? ऑफिस या किसी काम में व्यस्त होने पर मन में यह सवाल घूमते ही रहते हैं। लेकिन कल्पना कीजिए, अगर आपके बच्चे अपने छोटे-छोटे हाथों से खुद ही स्वादिष्ट और सुरक्षित तरीके से भोजन बना लें, वह भी बिना खुद को कोई नुकसान पहुंचाए। शायद आप कहेंगी, ऐसा हो जाए तो आपकी आधी चिंता दूर हो जाएगी। हालांकि यह असंभव नहीं है, कुकरी एक्सपर्ट के पास इसका एक खास तरीका है, जिसे ‘नो फायर कुकिंग’ के नाम से जाना जाता है। यह एक मजेदार, रचनात्मक और सुरक्षित तरीका है, छोटे शेफ्स को तैयार करने का।
कुकिंग स्टाइल को समझें
नो फायर कुकिंग एक ऐसा तरीका है, जिसमें खाना पकाने के लिए गैस, चूल्हा या किसी भी प्रकार की आग का उपयोग नहीं किया जाता। इसमें मुख्य रूप से ऐसी रेसिपी बनाई जाती हैं, जिन्हें बिना पकाए भी खाया जा सकता है, जैसे- सलाद, सैंडविच, फ्रूट चाट। यह तरीका खासतौर पर बच्चों, स्टूडेंट्स या उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो जल्दी और हेल्दी खाना बनाना चाहते हैं। नो फायर कुकिंग पोषण से भरपूर, आसान और सुरक्षित होती है, इसलिए आज यह स्कूल प्रोजेक्ट्स और हेल्दी डाइट प्लान में शामिल है।