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Parenting Tips: अभिभावकों को किस उम्र के बच्चों के साथ सोना कर देना चाहिए बंद? जानें वजह

Tue, 06 Sep 2022 09:26 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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माता पिता के साथ बच्चे कब सोना बंद करें - फोटो : istock

Parenting Tips: एक बच्चे के जन्म के साथ कपल की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। अब तक कपल का रिश्ता और फिक्र सिर्फ एक दूसरे के लिए होती है, लेकिन बच्चा कपल को परिवार बनाता है। पति-पत्नी के जीवन में बच्चा आने के बाद वह अभिभावक बन जाते हैं। माता पिता के लिए उनकी पहली प्राथमिकता बच्चा हो जाता है। छोटे बच्चे को माता का स्पर्श और पिता की सुरक्षा की जरूरत होती है। ऐसे में माता पिता अपने बच्चे को साथ ही सुलाते हैं। बच्चे की देखभाल और उनके लालन पालन का दायित्व माता पिता पर होता है। भारतीय परिवारों में तो बच्चा बड़े होने के बाद भी माता पिता के लिए बच्चा ही होता है, जिसके साथ उसी तरह व्यवहार किया जाता है, जैसा बचपन में होता है। हालांकि बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ ही माता पिता को उसके लालन पालन में कुछ बदलाव लाने की जरूरत होती है। इस में पहला बदलाव बच्चे को अलग सुलाना होता है। लाड-प्यार और केयर के चलते अभिभावक बच्चों के थोड़ा बड़ा होने पर भी उनके साथ ही सोते हैं, जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक उम्र के बाद माता पिता को अपने बच्चे को अलग सुलाना चाहिए। अगली स्लाइड्स में जानिए बच्चे को अभिभावक के साथ सुलाना बंद कर देने की उम्र क्या है और वजह क्या है।

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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : Pixabay
किस उम्र में बच्चे को अलग सुलाएंं

बच्चा जब जन्म लेता है तब तो माता और पिता के साथ सोना लाजमी भी है और जरूरी भी। एक अध्ययन के मुताबिक तीन से चार साल के बच्चे के अभिभावक के साथ सोने पर मनोबल बढ़ता है। माता पिता के साथ बच्चे के आत्मविश्वास में बढ़ावा होता है और मनोवैज्ञानिक समस्याएं कम होती हैं। हालांकि इस उम्र के बाद माता पिता को बच्चे में अकेले सोने की आदत डालनी चाहिए। चार-पांच साल की उम्र के बाद अभिभावकों को बच्चों को अलग सुलाना चाहिए।

इसके अलावा जब बच्चा प्री-प्यूबर्टी अवस्था में हो, यानी वह समय जब बच्चे में शारीरिक बदलाव होने लगे तो उन्हें अलग सुलाना चाहिए ताकि उन्हें कुछ स्पेस मिल सके।
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पेरेंटिंग टिप्स
बच्चों को क्यों अलग सुलाना चाहिए

एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक उम्र के बाद बच्चों का माता पिता के साथ सोना कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। बड़े हो रहे बच्चों के माता पिता के साथ होने पर उनमें मोटापा, थकान, कम ऊर्जा, अवसाद और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : iStock
माता पिता के साथ अधिक उम्र के बच्चे के सोने के कारण कपल्स के बीच लड़ाई-झगड़े और तनाव में इजाफा भी हो सकता है।
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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : istock
बच्चे माता पिता के झगड़े और तनाव का कारण बनते हैं और उनके व्यवहार को देखकर खुद भी अवसाद का शिकार हो सकते हैं।
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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : इंस्टाग्राम
चार-पांच साल के बाद अलग लेटने पर बच्चे माता पिता के बिना सोना सीख जाते हैं। उनमें अलग सोने की आदत आसानी से पड़ जाती है।
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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : iStock
रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े हो रहे बच्चों को दिन भर की थकान के बाद अच्छी नींद चाहिए होती है लेकिन एक ही बेड पर माता पिता के साथ सोने पर उनकी नींद में खलल पड़ता है। इसलिए उनके लिए एक अलग बेड होना चाहिए ताकि वह आराम से फैल कर सो सकें।
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