Parenting Tips: एक बच्चे के जन्म के साथ कपल की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। अब तक कपल का रिश्ता और फिक्र सिर्फ एक दूसरे के लिए होती है, लेकिन बच्चा कपल को परिवार बनाता है। पति-पत्नी के जीवन में बच्चा आने के बाद वह अभिभावक बन जाते हैं। माता पिता के लिए उनकी पहली प्राथमिकता बच्चा हो जाता है। छोटे बच्चे को माता का स्पर्श और पिता की सुरक्षा की जरूरत होती है। ऐसे में माता पिता अपने बच्चे को साथ ही सुलाते हैं। बच्चे की देखभाल और उनके लालन पालन का दायित्व माता पिता पर होता है। भारतीय परिवारों में तो बच्चा बड़े होने के बाद भी माता पिता के लिए बच्चा ही होता है, जिसके साथ उसी तरह व्यवहार किया जाता है, जैसा बचपन में होता है। हालांकि बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ ही माता पिता को उसके लालन पालन में कुछ बदलाव लाने की जरूरत होती है। इस में पहला बदलाव बच्चे को अलग सुलाना होता है। लाड-प्यार और केयर के चलते अभिभावक बच्चों के थोड़ा बड़ा होने पर भी उनके साथ ही सोते हैं, जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक उम्र के बाद माता पिता को अपने बच्चे को अलग सुलाना चाहिए। अगली स्लाइड्स में जानिए बच्चे को अभिभावक के साथ सुलाना बंद कर देने की उम्र क्या है और वजह क्या है।