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Parenting Tips: हर बात में बहस करता है बच्चा? ये 5 टिप्स बदल सकते हैं उसका व्यवहार

Sat, 28 Jun 2025 10:31 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Parenting Tips: अगर आपका बच्चा बात-बात पर बहस करता है, तो उसे डांटने की जगह समझाने की जरूरत है। यहां उसके लिए कुछ टिप्स देने जा रहे हैं।
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हर बात में बहस करता है बच्चा? ये 5 टिप्स बदल सकते हैं उसका व्यवहार - फोटो : Adobe stock
Parenting Tips: हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा तेज-तर्रार बने। इसके लिए लोग अपने बच्चे को बचपन से ही हाजिर जवाबी सिखाने लगते हैं। जब आप उन्हें हाजिर जवाबी सिखाते हैं, तो उनके जवाबों पर भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि कई मामलों में हाजिर जवाबी बच्चे बहस करना सीख जाते हैं।

बच्चों का हर बात पर बहस करना उनके व्यवहार पर असर डाल सकता है। ऐसे बच्चों को यदि सही उम्र में समझाया न जाए तो ये बहस की आदत लोगों को आगे जाकर बच्चे की परवरिश पर सवाल उठाने पर मजबूर कर देती है। तो यदि आपका बच्चा हर बात में बहस करता है? तो ऐसे उसे कुछ आसान तरीके अपनाकर समझाएं।  
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जानें बहस का कारण - फोटो : Adobe stock
जानें बहस का कारण

यदि आपका बच्चा बहस कर रहा है तो पहले उसका कारण जानें। कई बार बच्चा जब थका होता है, या फिर उसे कोई बात बुरी लगी है, या हो सकता है कि उसे भूख लगी हो, उसी वक्त बच्चा सबसे ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है और बहस करने लगता है। ऐसे में उसे डांटने की जगह उसकी बात सुनकर उसकी समस्या हल करे। 

 
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भड़के तो कतई नहीं - फोटो : Adobe stock
भड़के तो कतई नहीं

जिस समय आपका बच्चा बहस कर रहा है तो उस वक्त शांत रहें। अगर आप उस वक्त गुस्सा करेंगे तो हो सकता है कि आपका बच्चा और भी ज्यादा भड़क जाए। या हो सकता है कि वो काफी डर जाए। इसलिए जब वो बहस कर रहा है तो शांत रहकर उसकी बात सुनें।  

 

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सुनने की आदत डालें - फोटो : Adobe stock
सुनने की आदत डालें

कई बार बच्चों को लगता है कि कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है। ऐसे समय पर वो काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं और फिर बहस करने लगते हैं। ऐसे समय में अपने बच्चे को ये एहसास कराएं कि आप उनकी हर बात सुनते हैं। उसकी बात ध्यान से सुनें और जवाब में कहें: मुझे समझ आ रहा है कि तुम क्या कहना चाह रहे हो... ताकि उन्हें आपपर भरोसा हो। 

 
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विकल्प दें, आदेश नहीं - फोटो : Adobe stock
विकल्प दें, आदेश नहीं

कभी भी अपने बच्चे को आदेश नहीं है। बच्चे हमेशा जो आप कहेंगे उसका उल्टा ही करते हैं। ऐसे में हमेशा उन्हे विकल्प दें। जब आप उन्हें दो विकल्प देंगे तो उसमें से एक का वो चयन कर लेंगे बिना बहस किए। इससे बच्चे को आत्मनिर्भर होने की भावना मिलती है और वो टकराव कम करता है।

 
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पॉजिटिव व्यवहार को सराहें - फोटो : freepik.com
पॉजिटिव व्यवहार को सराहें

अगर आपका बच्चा बहस करने के बाद आपकी बात सुन लेता है, तो उसे ऐसी ही न जाने दें। बल्कि उसके इस व्यवहार को सराहें। यानी कि जब बच्चा बिना बहस के बात मानता है, तो तुरंत तारीफ करें। जैसे उससे कहें कि "आज तुमने बहुत समझदारी से बात मानी, मुझे अच्छा लगा!" 
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