प्रभा किरण
‘मम्मी, यह अच्छा नहीं बना है, मुझे नहीं खाना।’ ‘मां, मुझे गर्म नहीं, ठंडा दूध चाहिए।’ ‘पापा, आज मेरे दोस्त ने मेरी पसंद का गेम नहीं खेला।’ ‘पापा, भाई मुझे मारता है, फिर भी मम्मी उसे नहीं डांटतीं।’ क्या आपका बच्चा भी ऐसी कई सौ शिकायतों की पोटली लेकर आपके आस-पास मंडराता रहता है? अगर हां तो बेवजह छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर शिकायत करना उसके व्यवहार और भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
बच्चे आपसे अक्सर किसी-न-किसी की शिकायत करते रहते हैं। कई बार आप उन्हें डांटकर चुप करा देती हैं, मगर वास्वत में इसका उनके कोमल मन पर बुरा असर पड़ सकता है।
क्या है असल वजह
कुछ बच्चे ज्यादा ही संवेदनशील होते हैं और छोटी-छोटी बातों पर प्रतिक्रिया देते हैं। यही उन में शिकायत करने का कारण भी बनती है। वहीं कुछ बच्चों में झूठी शिकायत करके अपने भाई-बहन या दोस्तों को डांट पड़वाने की आदत होती है। इसलिए पहले शिकायतों की सच्चाई को जानें।