बच्चा चालक तो आप मैप बनें
- फोटो : Adobe
बच्चा चालक तो आप मैप बनें
मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, दिल्ली में क्लिनिकल साइकोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा शर्मा बताती हैं, पैसेंजर पेरेंटिंग बच्चों में आत्मनिर्भरता का बीज बोती है। ऐसे में यदि पैसेंजर पेरेंटिंग का सही तरीके से पालन किया जाए तो यह बच्चे का भविष्य सवांरने में एक अहम रोल अदा कर सकती है। बस जरूरी है तो इस बात को समझना कि जहां बच्चा चालक हो, वहां माता-पिता मैप की तरह और सहारा बनकर उसके साथ चलें। साथ ही उसे हमेशा यह अहसास दिलाएं कि भले ही वह अपने निर्णय खुद ले रहा हो, पर माता-पिता हर वक्त सलाह, सहयोग और सुरक्षा के लिए उसके साथ है। आप इसे अच्छी तरह समझ लें कि पेरेंटिंग एक ऐसा बगीचा है, जहां पौधे को बढ़ने की आजादी तो दी जाती है, लेकिन समय-समय पर पानी, धूप और छांव का ध्यान आपको ही रखना होता है, तभी वह फलता-फूलता है।