फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahashivratri 2024: भोलेनाथ के इन गुणों को अपने जीवन में करें आत्मसात, योद्धाओं जैसा बनेगा व्यक्तित्व

Fri, 08 Mar 2024 07:35 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Mahashivratri 2024 - फोटो : iStock
Mahashivratri 2024: इस वर्ष महाशिवरात्रि 8 मार्च 2024 को मनाई जा रही है। महाशिवरात्रि का पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह के उपलक्ष्य में मनाते हैं। भगवान भोलेनाथ ने गृहस्थ जीवन जिया, साथ ही संस्यासी की तरह भी रहे। शरीर पर कपड़ों की जगह जानवरों की खाल, महलों में रहने की बजाए कैलाश पर्वत पर बर्फीले और सर्द माहौल में परिवार संग रहे। तरह-तरह के लजीज भोज की बजाए भांग धतूरा खाकर मस्त रहते। ऐसे हैं भोले भंडारी का जीवन। हालांकि सांसारिक चीजों से दूर रहने वाले भगवान शिव का व्यक्तित्व बहुत ही सरल माना जाता है। वह अपने भक्तों पर तुरंत खुश हो जाते हैं, तो वहीं रुष्ट भी बहुत जल्दी होते हैं। 

भगवान शिव के व्यक्तित्व से उनके कुछ गुणों को अपना लिया जाए तो जीवन में आने वाली हर कठिनाई का सामना एक कुशल योद्धा के रूप में कर पाएंगे। इस महाशिवरात्रि के मौके पर भोलेनाथ के गुणों के बारे में जानिए, जिसे अपने व्यक्तित्व में शामिल करके आदर्श जीवन जी सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 6
भगवान शिव - फोटो : Social media
भगवान शिव के गुण

एकाग्रता

इस ब्रह्मांड के सबसे बड़े योगी भगवान शिव को माना जाता है। हर परिस्थिति में खुद पर काबू रखना आसान नहीं होता लेकिन महादेव जब भी ध्यान पर बैठते तो दुनिया इधर से उधर हो जाए उनका ध्यान कोई भंग नहीं कर सकता है। उनके ध्यान को ही भंग करने के लिए एक बार देवताओं ने कामदेव को भेजा था।
 
विज्ञापन

3 of 6
भगवान शिव - फोटो : Social media
नकारात्मकता के बीच सकारात्मकता

महादेव का एक गुण नकारात्मकता में रहते हुए भी सकारात्मक बने रहना है। जब समुद्र मंथन से विष बाहर आया तो सभी ने कदम पीछे कर लिए लेकिन महादेव ने स्वयं विष पिया। उनका यह गुण सिखाता है कि जीवन में नकारात्मकता आती है, लेकिन उससे गुजरते हुए सकारात्मक बने रहना चाहिए।

4 of 6
शिव नटराज - फोटो : Social media
जीवन को खुलकर जीना

महादेव की जीवनशैली या उनके अवतारों को उन्होंने बिल्कुल अलग तरीके से जिया। कभी तांडव करते हुए नटराज हो गए तो कभी विष पीने वाले नीलकंठ, मां पार्वती को अपने में समाहित कर अर्धनारीश्वर हो गए तो कभी सबसे पहले प्रसन्न हो जाने वाले भोलेनाथ बन गए। अपने जीवन को खुलकर जिए, हर भावना को सही समय पर अभिव्यक्त करें।
विज्ञापन

5 of 6
भगवान शिव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
बाहरी सुंदरता नहीं गुणों को चुनना

महादेव के संपूर्ण रूप को देखकर पता चलता है कि जिन चीजों को लोग अपने करीब देखना भी नहीं चाहते, उन्हें शिवजी ने बहुत सरलता से अपनाया है। गले में सर्पों की माला, शरीर पर भभूत, आसपास नंदी और भूतों की मंडली ये सब शिवजी के साथ हमेशा रहते हैं। इससे संदेश मिलता है कि दिखने में बुरा हकीकत में बुरा नहीं होता, बस उसे अपनाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
MahaShivratri - फोटो : istock
प्राथमिकता समझना

शिवजी के गुणों में से एक अपनी प्राथमिकताओं को समझना है और उनके अनुरूप कार्य करना है। महादेव अपने परिवार जैसे माता पार्वती, पुत्र कार्तिक और गणेश जी को प्राथमिकता देते हैं, साथ ही देवतागण और भक्तों को भी अपने जीवन में महत्व देते हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें