फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस लड़की से बेइंतहा मोहब्बत करते थे सुभाष चंद्र बोस, दोनों ने यूं आखिरी सांस तक निभाया रिश्ता

Wed, 23 Jan 2019 08:02 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
Subhash Chandra Bose - फोटो : Bose Dead/Alive
भारत के स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा बने सुभाष चंद्र बोस का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। उनका प्रसिद्ध नारा, 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' आज भी लोगों के तन-मन में जोश भर देता है। आजादी से जुड़े आपने उनकी जिंदगी के कई किस्से सुने और पढ़े होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं आजादी की लड़ाई लड़ते-लड़ते नेताजी एक लड़की पर अपना दिल हर बैठे थे। इतना ही नहीं वह अपनी आखिरी सांस तक उसे प्यार करते रहे। दोनों की शादी भी हुई लेकिन रहस्यमयी तरीके से। आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी लव स्टोरी के बारे में...


 
विज्ञापन

2 of 7
Subhash Chandra Bose - फोटो : Bose Dead/Alive
बताया जाता है कि नेताजी की पर्सनैलिटी काफी आकर्षक थी, जिस वजह से वह लड़कियाों की बीच काफी चर्चा में रहते थे। तेज दिमाग और अट्रेक्टिव पर्सनैलिटी के चलते लड़कियां उन्हें बहुत पंसद करती थीं। उनके बारे में कहा जाता है कि कई लड़कियां और महिलाओं ने उन्हें प्रपोज भी किया था, लेकिन वह सबसे दूर ही रहते थे। उन्हें तो सिर्फ प्यार था उस महिला से जिसे वह बेइंतहा मोहब्बत करते थे और जब तक जिंदा रहे उनके नाम खत लिखते रहे।
विज्ञापन

3 of 7
Subhash Chandra Bose - फोटो : Bose Dead/Alive
ऐसे हुआ प्यार का एहसास

साल 1934 में जब ब्रिटिश सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत से निर्वासित किया तो वह यूरोप के वियेना चले गए। वह यही रहकर आजादी की लड़ाई से जुड़े साथियों को लगातार चिट्ठियां लिखते रहे। खतों के डिक्टेशन और टाइपिंग के लिए उन्हें एक सहायक की जरूरत थी। तभी उनके एक दोस्त ने मिस एमिली शांक्ले से मिलवाया। नेताजी ने शांक्ले को नौकरी पर रख लिया।

4 of 7
Subhash Chandra Bose - फोटो : Bose Dead/Alive
काम के दौरान बढ़ी करीबियां

इसी दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एमिली एक दूसरे के प्रति आकर्षत हुए और उनका प्यार परवान चढ़ा। दोनों यूरोप में साथ कई जगह घूमने भी गए। दो साल बाद, 1936 में नेताजी सुभाष चंद्र भारत लौट आए। काम की व्यस्तता के बावजूद वह वक्त निकालकर एमिली को खत लिखते रहे। 

नेताजी की लिखी ये चिट्ठियां जब आजादी के सालों बाद प्रकाशित हुईं तो लोगों को उनके रोमांटिक पहलू से रूबरू होने का मौका मिला। इन्हें पढ़कर लगता है मानो चिट्ठियों में वह अपनी सारा प्यार उड़ेल देते थे-

“तुम पहली महिला हो, जिससे मैंने प्यार किया। भगवान से यही चाहूंगा कि तुम मेरे जीवन की आखिरी स्त्री भी रहो।” 

“मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक महिला का प्यार मुझको बांध भी सकेगा। इससे पहले बहुतों ने मुझे प्यार करने की कोशिश की लेकिन मैने किसी की ओर नहीं देखा पर तुमने मुझे अपना बना ही लिया।”
विज्ञापन

5 of 7
Subhash Chandra Bose
रहस्यमयी तरीके से की शादी
शर्मिला बोस के लिखे 'लव इन द टाइम ऑफ वारः सुभाष चंद्र बोस जर्नी टू नाजी जर्मनी' के मुताबिक साल 1937 में बोस वापस एमिली के पास गए। ऑस्ट्रिया के बडगस्टीन शहर में 26 दिसंबर को उन दोनों ने गुप्त शादी कर ली।  लेकिन शादी के फौरन बाद बोस जनवरी 1938 में भारत लौट आए।

हालांकि, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इनकी शादी 1942 में हुई।
विज्ञापन

6 of 7
Subhash Chandra Bose
इस शादी के बारे में जानता था बस ये एक शख्स

सुभाष चंद्र बोस और एमिली ने फैसला किया कि भारत की आजादी से पहले वह अपनी शादी का जिक्र नहीं करेंगे। हालांकि, इस शादी के बारे में सिर्फ उनके मित्र पंडित जवारहरलाल नेहरू को ही पता था। नवंबर, 1942 में बोस और एमिली की बेटी अनिता का जन्म हुआ। 

दुर्भाग्यवश, पत्नी और बेटी का साथ बस इतने ही दिनों तक था। आठ जनवरी, 1943 को सुभाष जब जर्मनी से जापान के लिए रवाना हो रहे थे, तब उन्होंने दोनों से आखिरी बार मुलाकात किया। 1945 में प्लेन क्रैश में उनकी मौत की खबर आई
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Netaji Subhash Chandra Bose
कभी भारत ना जा सकीं बोस की पत्नी
सुगाता बोस (नेताजी के भाई के पोते) की लिखी सुभाष चंद्र बोस की जीवन 'हिज मैजेस्टी ऑपोनेंट' के अनुसार नेताजी की मौत के तीन साल बाद 1948 में उनका परिवार वियेना गया जहां उनकी मुलाकात एमिली और अनिता से हुई। परिवार ने एमिली से कोलकाता चलने को भी कहा लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। दरअसल, उन दिनों एमिली अपनी मां की देखभाल कर रही थीं जो अस्वस्थ थीं।

1960 में अनिता कोलकाता आईं, लेकिन एमिली कभी भारत ना आ सकीं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें