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Janmashtami 2022: बच्चों से लेकर बड़े जीवन में अपनाएं गीता की ये पांच बातें, हमेशा होंगे सफल

Thu, 18 Aug 2022 12:39 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गीता में श्रीकृष्ण के इन उपदेशों को जीवन में अपनाएं - फोटो : Facebook
Krishna Janmashtami 2022: कौरव और पांडव एक की कुल के थे। वे सभी भाई थे, इसलिए जब उनके मध्य महाभारत का युद्ध हुआ तो एक पल के लिए अर्जुन इस धर्म संकट में आ गए कि अपने परिवार से युद्ध करना क्या सही होगा? अर्जुन अपने सगे संबंधियों, भाइयो और गुरुओं को युद्ध के मैदान में अपने सामने देख विचलित हो गए। युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के सारथी बने थे। उन्होंने अर्जुन की व्याकुलता को देश उपदेश दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में खड़े होकर अर्जुन को जो ज्ञान दिया, उसे ही गीता का ज्ञान कहा जाता है। इसे हिंदू धर्म में श्रीमद्भागवत गीता के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। गीता केवल धर्म के मार्ग पर चलने की राह नहीं दिखाती, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। सफल जीवन के लिए सभी को गीता में दिए कुछ उपदेशों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। गीता में बताए गए ज्ञान के रास्ते पर चलकर आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
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क्रोध न करें - फोटो : pixabay
गुस्से पर नियंत्रण

मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु क्रोध होता है। क्रोध के कारण मनुष्य बुद्धि हीन हो जाता है और क्या कर रहा है ये समझ नहीं पाता। ऐसे में उसका विनाश शुरू हो जाता है। इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए। बच्चों से लेकर बड़ों तक को गुस्सा करने से बचना चाहिए।
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मन पर नियंत्रित - फोटो : istock
मन पर नियंत्रण

बच्चों को सिखाएं कि वह अपने मन पर नियंत्रण रखें। खुद भी मन को नियंत्रित रखने की आदत डालें। आपका मन आपके लिए शत्रु बन सकता है।

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कर्म करें, फल की इच्छा न करें - फोटो : Istock
कर्म करें, फल की इच्छा न करें
 
गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि कर्म करें, फल की इच्छा न करें। इसका अर्थ है कि मनुष्य को सिर्फ अपना कर्म करना चाहिए। आपके कर्मों के अनुरूप ही आपको फल की प्राप्ति होगी। अच्छा काम करेंगे तो उसका परिणाम भी अच्छा होगा। लेकिन अगर आप परिणाम पर अपना ध्यान केंद्रित करके काम करेंगे तो मन भ्रमित होगा और आप आप अपने कर्म से विमुख हो जाएंगे।
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गीता में ज्ञान - फोटो : istock
अभ्यास करते जाएं

अभ्यास आपके जीवन को आसान बना सकता है। कर्म का अच्छा परिणाम ला सकता है। अगर आपका मन अशांत है और इसे नियंत्रित करना कठिन हो रहा है तो अभ्यास से मन को वश में कर सकते हैं।
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आत्म मंथन करें - फोटो : iStock
आत्म मंथन करें 

सफल जीवन और कठिनाइयों का सामने करने के लिए आत्म मंथन जरूर करना चाहिए। आत्म ज्ञान से व्यक्ति अपने अंदर के अज्ञैन का अंत कर सकता है और सही व गलत की पहचान कर सकता है। 
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