relationship
लिव-इन रिलेशन
मुझे यह नहीं पता था हमारा यह रिश्ता किस ओर बढ़ रहा था, लेकिन हम दोनों को एक-दूसरे का साथ पसंद आने लगा था।एक बार जब मैं बीमार पड़ी तो वे दवाएं लेकर आए और अपने हाथों से खिलाया।वो पहला मौका था जब उन्होंने अपनी बाहों में मुझे लिया था।वो एक अद्भुत दिन था।उसके बाद, जब हम टहलने जाते, एक-दूसरे का हाथ थामते थे- मेरा दाहिना हाथ।कुछ महीनों के बाद, फ्लैट में साथ रहने वाली मेरी साथी की शादी हो गई।मेरे लिए समूचे फ्लैट का अकेले किराया दे पाना मुश्किल था।उसी दौरान, मेरे वैवाहिक साइट के मित्र के फ्लैट के साथ वाला कमरा खाली हुआ।मैं वहां चली गई।
वास्तव में, यह दिखावा मात्र था कि हम साथ नहीं रह रहे, जबकि हम ऐसा ही कर रहे थे लेकिन जब मेरी मां वहां मुझसे मिलने आईं तो उन्हें शायद ये समझ आ गया कि हम दोनों एक साथ रह रहे हैं।अब हम एक दूसरे को और भी करीब से जानने लगे।इस दौरान मेरी विकलांगता से जुड़े मेरे सभी डर गायब हो गए, जब उन्होंने देखा कि मैं घर के सभी काम आसानी से कर लेती हूं।फिर हमने जॉब बदला और घर भी।इस बार हम तैयार थे।हम जानते थे कि एक लिव-इन रिलेशन केवल यौन इच्छाओं को पूरा करने को लेकर नहीं है।इसका मतलब है कि पूरे जीवन को अच्छी तरह एक-दूसरे से साझा करना।यह एक दूसरे का साथ और स्वीकृति का वादा है।शायद यही कारण है कि हमारी अदालत ने भी इसे मान्यता दी है।उन्हें खाना पकाना नहीं आता था, और ना ही मुझे।लेकिन, धीरे-धीरे मैंने सबकुछ सीख लिया।