कहानी हरियाणा की एक लड़की की। जो अब भी समाज और परिवार की नजर में चुभ रही है, क्योंकि उन लोगों की नजरों में वो आज भी भागी हुई लड़की है। आगे की कहानी, भागी हुई लड़की शिवानी की जुबानी।
उन दिनों मैं कॉलेज में कहा करती थी कि कुछ भी कर सकती हूं, पर इन चक्करों में नहीं पड़ सकती। मेरी जैसी कई लड़कियों के लिए प्यार शुरू में चक्कर ही होता है। हरियाणा रोडवेज से कॉलेज आती-जाती थी। वहीं रवि से मुलाकात हो जाती थी। ये मुलाकातें न जाने कब प्यार में बदल गईं। प्यार जब ताजा होता है तो इस बात की फिक्र किसे होती है कि अगले मोड़ पर क्या होगा, बस नदी की तरह बहते जाना होता है।