किशोरावस्था की उम्र आते ही बच्चों के साथ ही माता-पिता को भी बहुत सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। दरअसल, इस उम्र में आते ही बच्चों को लगता है कि वो बड़े हो गए हैं और हर फैसले खुद से ले सकते हैं। वहीं उनमे हो रहे शारीरिक और मानसिक बदलावों की वजह से वो चिड़चिड़े से हो जाते हैं। ऐसे में अगर माता पिता के साथ विचारों का मतभेद होता है तो बच्चे अभिभावकों की बात सुनना पसंद नहीं करते। ऐसे में जरूरत है कि माता पिता धैर्य से परवरिश करें।