कैसे करें सही चुनाव
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कैसे करें सही चुनाव
खुशी गणित में बहुत अच्छी थी, लेकिन उसकी सारी सहेलियां चिकित्सा क्षेत्र में जाना चाहती थीं, इसलिए उसने भी चिकित्सा को चुना, जबकि उसके माता-पिता चाहते थे कि वह इंजीनियरिंग करे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसे अपनी भूल का अहसास होने लगा। अब उसे अफसोस होता है कि उसने अपने मन के मुताबिक अपनी राह क्यों नहीं चुनी। असल में, आप जिनके साथ अधिक समय बिताती हैं, उनका असर आपके व्यवहार पर जरूर पड़ता है और कभी न कभी वह आपके व्यक्तित्व में भी नजर आने लगता है। अगर आप अच्छे लोगों के साथ रहेंगी तो इससे आपका व्यवहार सुधरेगा। वहीं, गलत संगत आपके व्यवहार को बिगाड़ने के साथ ही लक्ष्य से आपको भटकाने का काम करेगी। यहां भले ही खुशी का साथ अच्छा था, लेकिन दोस्तों के प्रभाव में आकर उसने एक गलत चुनाव कर लिया, जिसका अहसास उसे जिंदगी भर रहेगा।
जिंदगी भर का साथ
मिसेज शर्मा की बेटी रीना बहुत घुमक्कड़ है। जब देखो इधर-उधर ही घूमती है।” सोसायटी की एक महिला ने कहा। इस पर उसके साथ बैठी दूसरी महिला ने पूछा, “तुम ऐसा क्यों बोल रही हो। मुझे तो ऐसा नहीं लगता?” उसकी बात का जवाब देते हुए पहली महिला ने कहा, “देखा नहीं उसका फ्रेंड सर्कल? सोसाइटी के सारे आवारा बच्चे उसके दोस्त हैं!” असल में, कई बार आपके दोस्तों के व्यवहार के आधार पर लोग आपको जज करने लगते हैं। ऐसे में दोस्ती हमेशा सोच-समझकर करनी चाहिए। जानकार कहते हैं कि अच्छे और सच्चे दोस्त बनाएं, जिससे आपको जिंदगी भर आगे बढ़ने की सीख मिले और दोस्त ऐसे चुनें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर आपका साथ दें। इससे आप पॉजिटिव रहेंगी और महसूस करेंगी कि आपके साथ एक बैकअप सपोर्ट सिस्टम है, यानी एक फ्रेंड बैंक है।