फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जी के पांच गुण अपना लिए तो सफलता चूमेगी कदम

Sat, 12 Apr 2025 07:29 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

जीवन को सरल बनाया जा सकता है और सफलता की राह में आने वाली बाधाओं को निडरता से पार किया जा सकता है। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर बजरंगबली के गुणों के बारे जानिए, जिन्हें अपनाकर आपका जीवन सफल बन सकता है।
विज्ञापन
1 of 6
हनुमान जी के गुणों से लें सीख - फोटो : adobe
Hanuman Janmotsav 2025 :  महाबलशाली और बल-बुद्धि हनुमान जी का जन्मोत्सव 12 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जी को 'अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता' कहा जाता है। हनुमान चालीसा की एक चौपाई में यह प्रसंग मिलता है, जिसके मुताबिक माता सीता ने हनुमान जी को आठ सिद्धियों और नौ निधियों को प्राप्त करने का वरदान दिया था।

कलयुग के देवता बजरंग बली बहुत गुणवान हैं। रामायण के सुंदर कांड और हनुमान चालीसा में बजरंग बली के व्यक्तित्व और गुणों के बारे में विस्तार से बताया गया है। उनके व्यक्तित्व और गुणों को अपने जीवन में अपना लिया जाए तो सफलता कदम चूम सकती है। जीवन को सरल बनाया जा सकता है और सफलता की राह में आने वाली बाधाओं को निडरता से पार किया जा सकता है। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर बजरंगबली के गुणों के बारे जानिए, जिन्हें अपनाकर आपका जीवन सफल बन सकता है।

विज्ञापन

2 of 6
हनुमान जी का पहला गुण - फोटो : अमर उजाला
लक्ष्य प्राप्ति तक आराम नहीं

अंजनीसुत के व्यक्तित्व में लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एकाग्रता और हठ का गुण था। जब तक वह लक्ष्य प्राप्त कर नहीं लेते थे, तब तक आराम नहीं करते थे। ऐसा उन्होंने माता सीता को खोजने के दौरान किया और मार्ग में विश्राम तक नहीं किया। लक्ष्य प्राप्ति के लिए वह निरंतर परिश्रम और प्रयास करते रहे। उनका ये गुण अपना लिया तो आप भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करके ही रहेंगे।
विज्ञापन

3 of 6
हनुमान जी का दूसरा गुण - फोटो : adobe stock
संवाद कौशल

हनुमान जी का एक गुण था, उनका संवाद कुशल होना। उनका संवाद कौशल असाधारण था। अशोक वाटिका में माता सीता से पहली मुलाकात पर उन्होंने अपने कुशल संवाद से माता को भरोसा दिलाया कि वह श्रीराम के भेजे दूत हैं। उनका संवाद कौशल लंका नरेश के दरबार में रावण के समक्ष भी दिखा। संवाद कौशल से आपका आधा काम आसान हो सकता है। सफलता के लिए अच्छा संवाद होना बेहद जरूरी है।


Hanuman Temples: देश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की सूची, तय कर लें हनुमान जन्मोत्सव पर कहां जाना चाहते हैं आप

4 of 6
हनुमान जी का तीसरा गुण - फोटो : adobe stock
बल और बुद्धि का तालमेल

बजरंगबली बल और बुद्धि दोनों के बेहतरीन संतुलन का प्रतीक हैं। सबसे बलशाली होते हुए भी उन्होंने जहां जरूरत हुई वहां शक्ति प्रदर्शन की बजाए बुद्धि का उपयोग किया। सीता माता की खोज के लिए जब वह समुद्र पार कर रहे थे तो मार्ग में सुरसा राक्षसी मिलीं, इसका सामना हनुमान जी बल से कर सकते थे ,लेकिन उन्होंने बुद्धि से काम लिया।  वहीं लंकिनी ने जब लंका में प्रवेश करने से हनुमान जी को रोका तो हनुमान जी ने बुद्धि के बल पर उन्हें भी हराया।
विज्ञापन

5 of 6
हनुमान जी का चौथा गुण - फोटो : adobe
जिज्ञासु

हनुमान जी बचपन से ही जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे। आसमान में चमकते सूरज को देख उनकी जिज्ञासा बढ़ी और वह सूर्य देव तक पहुंच गए। देवताओं ने उन्हें मार्ग में रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन अपनी जिज्ञासा की पूर्ति के लिए वह गतिमान और तेज लालिमा वाले सूर्य के समक्ष आ गए। बाद में ज्ञान की प्राप्ति के लिए उन्होंने सूर्यदेव को अपना गुरु भी बनाया। सूर्य देव के रथ के साथ उसी गति में उड़ते हुए हनुमान जी ने उन से शिक्षा प्राप्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हनुमान जी का पांचवा गुण - फोटो : adobe stock
नेतृत्व क्षमता का गुण

बजरंगबली में अद्भुत नेतृत्व क्षमता थी। लंका युद्ध के दौरान उन्होंने सेनापति के रूप में वानर सेना का नेतृत्व किया। समुद्र का पुल बनाने में उनकी नेतृत्व क्षमता दिखाई दी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें