Guru Purnima 2025: गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास को समर्पित है, जिनका जन्म इसी तिथि में हुआ था। वेदव्यास जी को गुरुओं का गुरु माना जाता है। ऐसे में गुरु पूर्णिमा गुरुओं के सम्मान में मनाई जाती है। गुरु वह दीपक हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर जीवन को ज्ञान और प्रकाश से भर देते हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के चरणों में कृतज्ञता प्रकट करने का सबसे श्रेष्ठ अवसर होता है। इस खास दिन पर यदि आप अपने गुरु को दोहों के माध्यम से नमन करें, तो उसका प्रभाव हृदय और आत्मा दोनों पर पड़ता है।
आज गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर गुरु भजन करें। गुरु के कुछ दोहे हैं जो उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करते हैं। इस लेख में पांच श्रेष्ठ दोहे दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप फेसबुक, व्हाट्सएप और संदेश के माध्यम से भेज सकते हैं।