जिन घरों में पति-पत्नी बहुत अधिक लड़ाई करते हैं, उन घरों में खुशहाली नहीं रहती है। उन घरों में बच्चे अपना बचपन खो देते हैं। पति-पत्नी तो गुस्से में एकदूजे को न जाने क्या-क्या कह देते हैं लेकिन वे भूल जाते हैं कि उनकी लड़ाई का प्रभाव किस कदर उनके बच्चों एवं भविष्य पर पड़ रहा है। जिन घरों में आए दिन किचकिच चल रही होती है उन घरों के बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में थोड़े अलग होते हैं। वे अधिक गुस्सैल, चिढ़चिढ़े एवं अक्सर गुमसुम रहते हैं जिससे कि बड़े हो जाने पर भी उनकी मानसिक सेहत प्रभावित रहती है। अगली स्लाइड्स से जानिए मम्मी- पापा की लड़ाई का बच्चों पर किस तरह पड़ता है प्रभाव।