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Dussehra 2024: श्रीराम और माता सीता के रिश्ते की ये पांच खास बातें, हर पति-पत्नी को अपनानी चाहिए

Sat, 12 Oct 2024 08:17 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विजयदशमी यानी दशहरा बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। इस त्योहार पर आपको माता सीता और भगवान राम के रिश्ते से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जो आपको भी अपने जीवन में जरूर अपनाना चाहिए। तो चलिए आपको बताते हैं कुछ जरूरी बातें।
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श्रीराम और माता सीता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
रूबी शुक्ला

Dussehra 2024: 
दशहरा या विजयादशमी का त्योहार असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। 2024 में विजयदशमी का पर्व पंचांग के अनुसार, 12 अक्तूबर को मनाया जाएगा। दशहरा के दिन रावण, उनके भाई कुंभकरण और रावण के पुत्र मेघनाथ का पुतला जलाया जाता है। भगवान राम ने माता सीता के लिए लंका के राजा रावण से युद्ध किया था और असत्य और अहंकार को हराया था। भगवान राम और माता सीता की जोड़ी को आदर्श जोड़ी माना जाता। वह दोनों आदर्श जीवनसाथी माने जाते हैं। श्रीरराम और सीता माता ने अपने जीवन मे भले ही कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा और सदा ही प्रेम एवं विश्वास से एक दूसरे का साथ दिया। भगवान राम जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से भी जानते हैं। माता सीता और भगवान श्रीराम  के रिश्ते की कुछ बातें ऐसी हैं जो हर पति पत्नी को भी अपने जीवन में जरूर अपनानी चाहिए।
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श्रीराम और माता सीता - फोटो : Adobe
मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ दें

सीता माता राजकुमारी थीं। उन्होंने भगवान राम से विवाह से पहले कभी भी अपने जीवन में कष्ट नहीं देखा था, लेकिन जब बात उनके पति के 14 साल के वनवास की आई तो उन्होंने अपने पति के इस कठिन समय में उनके साथ जाने का फैसला किया। माता सीता राम जी के  साथ 14 साल जंगल में रहीं और मुश्किल परिस्थिति में अपने पति का साथ दिया।
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भगवान राम, सीता, लक्ष्मण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
सम्मान

हर रिश्ते में सम्मान होना बहुत जरूरी है। सम्मान रिश्ते को मजबूती देता है। आपने बड़ों को भी कहते सुना होगा कि सम्मान रिश्ते की नींव होता है। राम जी और सीता जी के रिश्ते में हमेशा सम्मान था। माता सीता जिस प्रकार श्रीराम को सम्मान देती थीं उसी तरह प्रभु श्रीराम भी अपनी पत्नी के सम्मान और सुरक्षा के लिए हमेशा खड़े रहे हैं ।

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श्रीराम और माता सीता - फोटो : Adobe
भरोसा

रिश्ते में भरोसा भी होना बहुत जरूरी है। भरोसा ही रिश्ते को मजबूत करता है। माता सीता और राम जी के रिश्ते में बहुत भरोसा था। उनको जब रावण अपहरण करके लंका ले गए थे तो माता सीता को भरोसा था कि राम जी उन्हें लेने जरूर आएंगे। इसी भरोसे ने उनको मजबूती दी। प्रभु श्रीराम ने भी माता सीता का ये भरोसा टूटने नहीं दिया।
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Life Lessons from Lord Ram - फोटो : अमर उजाला
त्याग

पति पत्नी के रिश्ते में त्याग की भावना होना बहुत जरूरी हैं। जब किसी रिश्ते में त्याग की भावना होती है तो उसमें प्यार भी उतना ही ज्यादा होता है। जैसे माता सीता अपने सारे सुख और आराम को त्याग कर पति के साथ वनवास चली गईं। श्री राम ने भी माता सीता का रावण की लंका से आजाद कराने के लिए संघर्ष किया और सबकुछ त्याग कर युद्ध किया।
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सीता राम - फोटो : Adobe
हमेशा साथ दें

पति पत्नी को हर परिस्थियों में एक दूसरे का साथ देना चाहिए। इससे रिश्ता मजबूत होता है। जैसे माता सीता और राम जी ने हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ निभाया और कभी भी साथ नहीं छोड़ा चाहे वनवास हो या चाहे रावण की लंका से सीता माता को लाना हो। हर पति पत्नी को एक दूसरे का साथ इसी तरह से देना चाहिए।
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