शिखा शिप्रा
नवरात्रि से लेकर भाई दूज तक का समय रौनक, खुशी और उत्सवों से भरा होता है। घरों में सजावट, मिठाइयां, नए कपड़े और रिश्तेदारों का आना-जाना माहौल को खुशनुमा बना देता है। ऐसे में बच्चे भी इस जश्न का पूरा आनंद लेना चाहते हैं और कई तरह की जिद करने लगते हैं, जो माता-पिता को परेशान करती हैं और आपके लिए त्योहार थोड़ा चुनौतीपूर्ण बन जाता है। ऐसे में आपको क्या करना चाहिए?
पटाखों की मांग
बच्चों को पटाखे नुकसान पहुंचा सकते हैं, बस यही सोचकर आप उन्हें पटाखे दिलाने से हिचकिचाती हैं। लेकिन बच्चे दोस्तों या पड़ोसियों को देखकर पटाखे चलाने की जिद करते हैं और आपको परेशान करते हैं। ऐसे में आप धैर्य और प्रेम से उन्हें पटाखों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और पशुओं पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में समझाएं। बच्चों का दिल कोमल होता है। वे बातों को जल्दी समझते हैं। उन्हें त्योहारों के असली महत्व के बारे में बताएं और रंगोली, दीयों, मिठाइयों जैसे विकल्पों से त्योहार को खुशनुमा बनाने के तरीके सुझाएं, ताकि वे खुशी से पटाखों के बिना भी त्योहार मना सकें।