साथी की जगह खुद को रखें
किसी विशेष परिस्थिति में आपके साथी का क्या दृष्टिकोण होगा, यह जानने के लिए आपको पहले खुद को उसकी जगह पर रखकर अपनी कल्पना शक्ति का इस्तेमाल करके ठीक उसी की तरह से सोचना होगा। इस बात से भी वाकिफ रहें कि हो सकता है, यहां पर कुछ ऐसी बातें भी हों, जिनके बारे में आपको कुछ भी जानकारी न हो। जब वह बोल रहा हो, तो एक बार उसके नजरिए से भी सोचने की कोशिश करें। इससे आपको यह समझने में आसानी होगी कि आपका व्यवहार या परिस्थिति उसे कितना परेशान कर रही है और क्यों? जब आप गुस्से में रहती हैं या दुखी रहती हैं, तो बहस के अलावा कुछ सोच पाना आपके लिए बेहद कठिन साबित होता होगा, लेकिन यह तरकीब आपको समस्या का बहुत जल्दी ही समाधान देगी।