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Salute: पढ़ाई छूटी, छोटी उम्र में शादी, तभी लिया एक प्रण और पेश की 'ममता' की मिसाल

Sun, 13 May 2018 05:35 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मदर्स डे, शीला सैनी की कहानी
पढ़ाई छूटी गई, छोटी उम्र में शादी कर दी गई। तभी एक संकल्प लिया और पेश की ममता की ऐसी मिसाल, देखकर सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
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मदर्स डे, शीला सैनी की कहानी
मदर्स डे के मौके पर चंडीगढ़ में उतर भारत के क्षेत्रीय जीएसटी आयुक्तालय में बतौर उपायुक्त तैनात ममता सैनी सुना रही हैं, अपनी मां के जुनून की दिलचस्प कहानी। ऐसा जुनून जिसने कामयाबी की नई इबारत लिखी। शीला सैनी, काफी कम उम्र की थी कि जब पारिवारिक हालात के चलते उसका विवाह राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी ओमप्रकाश सैनी के साथ कर दिया गया।
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mothers day
शीला कुछ जमातें ही पढ़ पाई थी कि मायके से ससुराल विदा कर दी गई। लेकिन उसी दिन शीला ने यह ठान लिया था कि यदि उसकी बेटी हुई तो उसके साथ कभी ऐसा नहीं होगा। वह अपनी बेटी को न केवल उच्च शिक्षा दिलवाएगी, बल्कि एक कामयाब अफसर भी बनाएगी। आखिरकार उस मां के सपने और संघर्ष को ममता ने अपना जुनून बनाया और उस सपने को पूरा करने में पूरी शिद्दत से जुट गई।

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mothers day
उधर, ममता सैनी के हवलदार पिता ओमप्रकाश सैनी भी अपनी पत्नी शीला के इस सपने को पूरा समर्थन दिया। पिता भी चाहते थे कि उनकी बेटी इतनी बड़ी अफसर बने कि लोगों को उसका परिचय देते हुए उनका सीना फख्र से चौड़ा हो जाए। आखिरकार वर्ष 2010 में ममता सैनी ने आईआरएस (इंडियन रेवेन्यू सर्विसस) की परीक्षा क्लीयर की और सहायक कमिश्नर के पद पर तैनात हुई।
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mothers day - फोटो : अमर उजाला
आज तरक्की पाकर ममता सैनी चंडीगढ़ स्थित उतर भारत के क्षेत्रीय आयुक्तालय में में बतौर डीसी (डिप्टी कमिश्नर) तैनात है। अमर उजाला से बातचीत में बातचीत में डीसी ममता सैनी ने बताया कि उनकी कामयाबी के पीछे उनका मां का बड़ा योगदान है। मां जैसा चाहती थी, उन्होंने वैसा अफसर बनकर मां के सपने को पूरा किया। ममता कहती हैं कि उनकी भी एक बेटी कृति है, जिसे वे अपनी मां के सभी संस्कार दे रही हैं।
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mothers day - फोटो : अमर उजाला
उधर, डीसी ममता सैनी की मां शीला सैनी कहती हैं कि बच्चों की कामयाबी में मां-बाप की अहम भूमिका होती है। उनकी बेटी ने उनका सपना पूरा कर दिया, जिंदगी में इससे बड़ा तोहफा उनके लिए और क्या हो सकता है। वे कहती है कि कम उम्र में उनकी पढ़ाई छूट जाना और शादी हो जाना, ये एक घटना और कसक थी, लेकिन पति के हौसले और बेटी की मेहनत ने उसे खत्म कर दिया।
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मदर्स डे, डीसी ममता सैनी
मदर्स डे पर डीसी बेटी ने मां को लिखी पाती
डियर मां, तुम्ही ने मेरी आंखों को सपने देखना सिखाया और उन सपनों को सच करने का हौसला भी मुझमें तुम्ही से आया। तुम्ही से मैने सीखा कभी हार न मानना और लगातार कोशिश करते रहना। मां तुमने जो अटूट विश्वास मुझ में दिखाया, उस विश्वास ने मुझे कभी हारने नहीं दिया। जिस बेटी के पास मां का अटूट विश्वास है, वो बेटी कभी कोई लड़ाई हार नहीं सकती, फिर चाहे वो अंतर्मन की लड़ाई हो या फिर बाहरी दुनिया की। कुछ नया करने की लग्न और सदैव प्रयत्न करने की आदत आज भी मेरी प्रेरणा का मुख्य स्त्रोत है। दो लाइनें मदर्स डे स्पेशल तुम्हारे लिए मां ‘बहुत रोते हैं, लेकिन दामन हमारा नम नहीं होता, इन आंखों के बरसने का कोई मौसम नहीं होता, मैं अपने दुश्मनों में भी महफूज रहती हूं, क्योंकि मेरी मां की दुआओं का असर कभी कम नहीं होता।’
- तुम्हारी लाडली, ममता
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