ब्लेम करते रहने से बिगड़ जाती है बात
- फोटो : istock
छोटी बड़ी बातें
'मुझे मालूम था, तुम ये कागज संभाल कर रख ही नहीं पाओगी। आदत जो है चीजों को इधर-उधर रखने की।' 'तुम कल बाहर से खाकर आये इसलिए खाना बच गया और मुझे फेंकना पड़ रहा है। कितना नुकसान होता है जानते हो।' 'तुम्हारी ही छूट का नतीजा है कि बच्चों के नंबर कम आये हैं, दिनभर खुद भी फोन में लगी रहती हो, बच्चों को भी नहीं टोकती।' 'और हंस हंस कर बात करो पड़ोसियों से, बहुत सोशल होने की लत है न। अब देख लो तुम्हारी वजह से अपने डॉग्स छुट्टी के दिन हमारे भरोसे छोड़ गए। पूरी छुट्टी बर्बाद।' ये या ऐसी कई बातें हैं जो बहुत सामान्य हैं और थोड़ी शांति से सोचा जाए तो इनका हल निकाला जा सकता है, लेकिन जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति पर सिर्फ दोषारोपण करने लगता है तो वह सिर्फ समस्या में अटक कर रह जाता है, समाधान के बारे में सोचता भी नहीं।