लड़कियां ज्यादातर अपनी मां के करीब होती है। ऐसे में भावनात्मक जुड़ाव होना लाजिमी है। शादी के बाद भी ये जुड़ाव इतना ज्यादा होता है कि वो हर बात अपनी मां से साझा करना चाहती हैं। लेकिन इस बारे में लोगों में मतभेद होता है कि शादीशुदा बेटी को मां के साथ कितनी बातें साझा करनी चाहिए। हालांकि ये एक बेटी के विवेक पर निर्भर करता है कि वो कितनी बातें अपनी गृहस्थी की मां को बताना चाहती हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि ये बातें मां को किसी बेटी को नहीं बतानी चाहिए।