Nadia Murad
15 अगस्त को मैं अपने परिवार के साथ थी।हम बहुत डरे हुए थे क्योंकि हमारे सामने जो घटा था, उसे लेकर हम भयभीत थे।उस दिन आईएस के लगभग 1000 लड़ाके गांव में घुसे।वे हमें स्कूल में ले गए। स्कूल दो मंजिला था।पहली मंजिल पर उन्होंने पुरुषों को रखा और दूसरी मंजिल पर महिलाओं और बच्चों को।उन्होंने हमारा सब कुछ छीन लिया।मोबाइल, पर्स, पैसा, जेवर सब कुछ।मर्दों के साथ भी उन्होंने ऐसा ही किया। इसके बाद उनका नेता जोर से चिल्लाया, जो भी इस्लाम धर्म कबूल करना चाहते हैं, कमरा छोड़कर चले जाएं।