वो सात बातें
दीपा का मानना है कि महिलाओं के जीवन में सात बातें ऐसी हैं जिन्हें वो ताउम्र ढोती हैं।उनका शरीर,उनकी चुप्पी, दूसरों को खुश रखने की उनकी चाहत, उनकी सेक्शुएलिटी, अकेलापन, चाहत और दायित्व के बीच का द्वंद्व और दूसरों पर उनकी निर्भरता।दीपा आगे कहती हैं कि भारत में महिला महज एक रिश्ते का नाम है- किसी के लिए मां, तो किसी के लिए बेटी, किसी की बीवी, तो किसी की बहन या भाभी।वो अपने लिए कभी जीती ही नहीं। (दीपा नारायण अमरीका में रहती हैं और गरीबी और लैंगिक भेदभाव जैसे संवेदनशील विषय पर 15 से ज़्यादा किताबें लिख चुकी हैं।दीपा संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड बैंक के साथ भी लंबे अरसे तक जुड़ी रही हैं।)