ट्रिप पर जाने से पहले समझाएं हर बात
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पूरी जानकारी लें, फिर भेजें
यह सही है कि पहले की तुलना में अब माहौल बहुत बदल गया है। अपने बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा अब पहले से ज्यादा परेशान करता है लेकिन केवल इस एक वजह को बच्ची के खुलकर जीने के बीच बाधा न बनने दें। अधिकांश स्कूल लम्बी (2-3 दिन या इससे ज्यादा) की ट्रिप पर छोटे बच्चों को नहीं ले जाते। इसलिए लम्बी ट्रिप पर जाने वाली बच्चियां आमतौर पर 10-15 वर्ष के बीच होती हैं। इस उम्र में उन्हें आप अच्छी तरह हर बात समझा सकते हैं। उन्हें समझाने से पहले ट्रिप से संबंधित पूरी जानकारी स्कूल से लें। कितने टीचर हैं, कितने बच्चे जा रहे हैं, किस जगह जा रहे हैं, सफर कैसे होगा, रुकेंगे कहाँ, आदि।
पूरी जानकारी मिलने के बाद एक रफ खाका बनाकर जरूरी सभी फोन नंबरों के साथ बच्ची के साथ रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उनका उपयोग कर सके। यदि आपको लगता है कि ट्रिप जिस तरह से प्लान की गई है वह बच्ची की सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है तो बेटी को इस बात को शांति से समझाएं कि आप जाने को क्यों मना कर रहे हैं। इसके एवज में अगर आपको अलग से कोई छोटी फैमेली ट्रिप प्लान करना पड़े तो वह भी करें।