बत्तमीजी से बात
एक मां हमेशा अपने बच्चों को मेरा लाडला, मेरा लाडला बेटा, राजा बेटा, परी, बेटी रानी से संबोधित करती है। ठीक इसका उल्टा यदि संतान माता से बत्तमीजी के साथ बात करने लगते हैं तो उसका दिल पूरी तरह से टूट जाता है। हो सकता है इसका इजहार वो आपसे भले ही न करें लेकिन अंदर से उन्हें बहुत बुरा लगता है। इस वजह से अपनी मां से हमेशा तमीज से ही बातचीत करें।