येल यूनिवर्सिटी ने 178 शादीशुदा जोड़ों पर एक शोध किया, जिसमें यह सामने आया कि जिन जोड़ों का वैवाहिक जीवन खुशहाल था, उनमें से कम से कम एक के अंदर 'जीजी' जीन वेरिएशन पाया गया। ये ऐसे जीन हैं, जिनको अभी तक भावनात्मक स्थिरता, संवेदना, समाजशीलता और मिलनसारिता के लिए जाना जाता था। इस नए शोध से पहली बार इस जीन का रोल वैवाहिक संतुष्टि में देखा गया। येल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एसोसिएट प्रोफेसर जोआन मोनिन के अनुसार, अब यह बात साफ है कि निजी रिश्तों में केवल आपसी संबंध और अनुभव ही नहीं, बल्कि पार्टनर के आनुवांशिक पूर्वानुमान भी महत्व रखते हैं। इस जीन के होने का अर्थ यह है कि रिश्ते में उत्सुकता, चिंता और बेचैनी कम होगी। इससे आपसी जुड़ाव भी स्वस्थ रहेगा।