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Ramadan 2019: रमजान से जुड़े ऐसे 5 झूठ जो बहुत सारे लोगों को लगते हैं सच, आप नहीं जानना चाहेंगे...

Tue, 07 May 2019 09:25 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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ramadan - फोटो : ramadan
7 मई से 6 जून तक चलने वाले रमजान के पाक महीनें में मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोग रोजा रखते हैं। 30 दिन तक चलने वाले रोजों के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है। जिसे ईद-उल-फितर या मीठी ईद भी कहा जाता है। आज हम आपको रमजान से जुड़े ऐसे 5 झूठ के बारे में बताते हैं, जिन्हें बहुत सारे लोग सच समझते रहते हैं। 
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fae - फोटो : getty images
रमजान के महीने ब्रश नहीं करना चाहिए
कई लोगों कहते हैं कि रमजान के महीने में दांतों को साफ या कुल्ला नहीं करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल नमाज अदा करने वालों के लिए इस्लाम में 'मिसवाक' (दातून) से दांतों को साफ करना जरूरी माना गया है। 
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रमजान (फाइल फोटो)
हर किसी के लिए रोजे जरूरी
ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि हर मुस्लिम के लिए रोजे रखना जरूरी है। बता दें, प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग, बीमार लोग और लंबा सफर कर रहे लोगों के लिए रोजा रखना जरूरी नहीं है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से खुद को कमजोर महसूस करता है तो वह रोजे छोड़ सकता है।  

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ramzan
रोजेदार के सामने खाना नहीं खाना चाहिए 
रोजे के दौरान लोग कुछ नहीं खाते। इसलिए लोगों का मानना है कि रोजेदारों के सामने कुछ नहीं खाना चाहिए जबकि इस्लाम के मुताबिक रमजान के महीने को खुद पर संयम रखने का महीना माना जाता है। 
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periods
पीरियड्स होने पर रोजे टूट जाते हैं
रमजान के महीने में कहा जाता है कि अगर कोई महिला पीरियड्स से होती है तो उसके रोजे खराब हो जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता है। पीरियड्स से होने वाली महिला अगर इस दौरान अपना कोई रोजा छोड़ती है तो उसे ईद के बाद पूरा कर सकती है।   
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hair oil
रमजान में बालों में तेल और शरीर पर इत्र नहीं लगाना चाहिए 
रोजे के दौरान खुद को साफ सुथरा रखने की कोई मनाही नहीं है इसीलिए रोजेदार इस दौरान बालों में तेल, शैम्पू और शरीर पर इत्र भी लगा सकते हैं।
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