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Pregnancy: गर्भावस्था में बार-बार लगे भूख तो रखें इन बातों का ध्यान, डाइट में शामिल करें ये पोष्टिक आहार

Tue, 11 Oct 2022 04:33 PM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सही पोषण देगा माँ बच्चे को शक्ति - फोटो : social media
गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के लिए बहुत सारे परिवर्तनों का समय होता है। इस समय शरीर में ढेर सारे हार्मोनल बदलाव भी हो रहे होते हैं और नींद, भूख सबका रूटीन भी बदल सकता है। कई बार किसी विशेष प्रकार की चीज को खाने का मन करता है तो कई बार कुछ खाने का मन नहीं करता, कभी तो खाने के नाम से ही जी मिचलाने लगता है। लेकिन भोजन और वह भी पौष्टिक भोजन इस समय बच्चे और माँ दोनों के लिए बहुत जरूरी होता है। स्त्रियों को अधिकांशतः शुरुआत के तीन महीनों में भोजन से अरुचि या नॉशिया जैसी दिक्क़तें हो सकती हैं लेकिन इसके लिए डॉक्टर विकल्प सुझाते हैं। 

बहरहाल, गर्भावस्था की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती होती है, दिनभर और रात में अचानक लगने वाली भूख की। यह भूख भोजन के पहले और बाद में भी लग सकती है। इस समय कुछ ऐसा चाहिए होता है जो स्वाद ग्रंथियों को भी संतुष्ट करे और पौष्टिक भी हो। इस स्थिति में बाजार का कुछ भी जंक या गरिष्ठ खाने की बजाय अगर थोड़ा ध्यान रखकर नाश्ते का चुनाव किया जाये तो माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर तो अच्छा असर पड़ता ही है, वजन को नियंत्रण में रखने में भी मदद मिलती है। जानिए कैसे चुनें और क्या चुनें इस भूख के लिए।
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भोजन का रखें ख़ास ख्याल
स्वाद और सेहत दोनों पर ध्यान 

घर में रखा नमकीन, चिप्स का पैकेट, कुकीज, आइसक्रीम, केक आदि जैसी चीजों को गर्भावस्था के दौरान भी कभी कभार खाना गलत नहीं है लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा सेवन कई सारी समस्याएं खड़ी कर सकता है। गर्भावस्था में थोड़ा बढ़ता वजन चिंता का विषय नहीं है लेकिन गलत खान पान से जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ सकता है जो डायबिटीज, स्किन प्रॉब्लम्स, जोड़ों की समस्या के अलावा प्रसव के दौरान भी मुश्किल खड़ी कर सकता है। जंक फ़ूड या बाजार का नाश्ता उतना पोषण भी नहीं देता जितना इस स्थिति में चाहिए। इसलिए जरूरी है कि नाश्ते या छिटपुट खाने के लिए चयन सही पदार्थों को लेकर हो। ऐसे में कुछ विकल्प बहुत मददगार हो सकते हैं।
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फलों का सेवन सर्वोत्तम - फोटो : अमर उजाला
फलों की चाट, कस्टर्ड या फ्रूट सलाद 

फल ढेर सारे पोषण के साथ आते हैं। इनसे विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर तो भरपूर मात्रा में मिलते ही हैं, पानी भी मिलता है जो गर्भावस्था में और भी जरूरी होता है। सबसे अच्छा चुनाव हैं मौसमी फल। इन्हें अच्छी तरह धोएं और काटें, फ्लेवर और स्वाद के लिए थोड़ी सी क्रीम, नीबू, चाट मसाला, काली मिर्च, नमक, चीज आदि मिलाया जा सकता है और एक हेल्दी नाश्ता तैयार हो जाता है। कोशिश करें कि एक बार में कम से कम दो तरह से फल मिलाकर खाएं। इससे स्वाद ग्रंथियों को संतुष्टि मिलेगी। इसके अलावा आप खूब सारे फल डालकर कस्टर्ड बनाकर फ्रिज में रख सकती हैं और कम से कम 2-3 दिन इसका थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सेवन कर सकती हैं।

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पापड़ से मिलेगा स्वाद और पोषण - फोटो : pixabay
पापड़, मठरी और खाखरे 

घर पर सेककर खाएं या हल्का सा तेल लगाकर मसाला पापड़ बना लें। मूंग दाल, चना, बाजरा, ज्वर, मक्का आदि का पापड़ आपको पेट भरने की संतुष्टि भी देगा और स्वाद भी। आप इस पर ताजा टमाटर, प्याज, धनिया पत्ती और किसा हुआ नारियल या चीज भी डालकर खा सकती हैं। इसी तरह सभी तरह के आटे मिलाकर बनाई गई मठरी और खाखरे भी एक बढ़िया विकल्प हो सकते हैं। कोशिश करें कि ये घर पर ही बने हुए हों। आजकल तो इन्हें सामग्री देकर घर पर बनवाया भी जा सकता है। बाजार के पैक्ड चिप्स की जगह क्रिस्पी पापड़ और खाखरे ज्यादा पोषण देंगे।
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दही में मिलाएं ड्रायफ्रूट्स
लस्सी, फ्रूट रायता या योगर्ट 

एक ऐसा विकल्प जो पेट के लिए ढेर सारे फायदे लेकर आएगा। इससे माँ और शिशु दोनों को भरपूर मात्रा में कैल्शियम मिलेगा जो हड्डियों को मजबूत बनाएगा। यह याद रखना जरूरी है कि प्रसव के बाद अक्सर महिलाओं में कई कारणों से जोड़ों और हड्डियों के साथ दांतों की समस्या भी सामने आती है। ऐसे में कैल्शियम से भरपूर भोजन बहुत मददगार साबित होता है। इससे आपको भरपूर मात्रा में प्रोटीन भी मिलेगा जो माँसपेशियों को मजबूत बनाने, त्वचा और बालों को सेहतमंद रखने, वजन को संतुलित रखने जैसे कई फायदे देगा। दही, लस्सी, योगर्ट या फ्रूट रायता जो भी लें उसमें ऊपर से अधिक शकर डालने से बचें। इसकी बजाय आप थोड़ी मात्रा में शहद डाल सकती हैं। साथ ही इसमें किशमिश, मुनक्का, अंजीर, खारक आदि डाल कर भी खा सकती हैं। घर में बनी पतली लस्सी भी बहुत फायदेमंद होगी लेकिन इसके अभाव में बाजार का योगर्ट भी लिया जा सकता है। इसी तर्ज पर घर में मौजूद फलों से स्मूदी भी बनाई जा सकती है।ध्यान बस यही रहे कि इंग्रेडिएंट्स ताजे हों और शकर ऊपर से अधिक न डले।
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ड्रायफ्रूट्स का लाभ लें
सूखे मेवे और दाने 

वैसे तो यह किसी भी व्यक्ति के लिए शक्ति से भरपूर नाश्ता है। एक छोटी कटोरी या मुट्ठीभर  मिक्स ड्रायफ्रूट्स, जिसमें अखरोट, बादाम, काजू, किशमिश, चारौली, खारक, खजूर, अंजीर, खुबानी, आदि शामिल हो। यह पेट भरने की संतुष्टि देने के साथ ही तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं। साथ ही इनसे भरपूर मात्रा में खनिज, फायबर, आयरन आदि भी प्राप्त होते हैं। इन्हें अच्छी तरह चबाकर खाएं। साथ ही इनके ऊपर तुरंत पानी पीने से बचें। ये पोषण देने के साथ ही शरीर को भरपूर शक्ति देंगे और शरीर को अंदरूनी तौर पर मजबूती भी देंगे। यह मजबूती प्रसव के बाद शरीर की शक्ति बढ़ाने में बहुत मदद करती है। इसलिए ही पारम्परिक रूप से भारत में ड्रायफ्रूट्स के लड्डू, खारक का दूध और पंजीरी जैसी चीजें प्रसव के बाद महिलाओं को दी जाती हैं।
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पनीर देगा कैल्शियम - फोटो : iStock
गुड़, मूंगफली और पनीर 

ये तीनों ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग आप अन्य कई चीजों के साथ मिलाकर भी कर सकती हैं। गुड़ और मूंगफली का कॉम्बिनेशन तो आयरन और एनर्जी दोनों के लिए हमेशा से मशहूर है। घर पर आसानी से इससे गुड़पट्टी बनाई जा सकती है और लम्बे समय तक रखी जा सकती है। थोड़ी मात्रा में खाने के बाद गुड़ खाना भी फायदा देता है। इसी तरह पनीर से डेयरी वाले सारे लाभ मिलते हैं और इसे नमकीन और मीठे दोनों तरीकों से खाया जा सकता है। घर पर बना ताजा छेना भी इस स्थिति में बहुत पोषक होता है। चाहें तो छेना को बिना मीठा या नमकीन बनाये पापड़ या खाखरे पर डालकर या फलों के ऊपर डालकर भी खा सकती हैं। वहीं पनीर के क्यूब्स भी हलकी आंच पर बहुत थोड़े से घी में सेककर खाली खाये जा सकते हैं। इसपर चाहें तो हल्का सा नमक और काली मिर्च छिड़क लें।

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पॉपकॉर्न से मिलेगा फाइबर - फोटो : pixabay
पॉपकॉर्न और मखाने 

पेट भरने में कारगर ये दोनों ही विकल्प सेहत के लिहाज से बहुत अच्छे हैं। मक्के के पॉपकॉर्न हों या ज्वार की धानी, इनसे  भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है जो पाचन के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होता है। कई बार गर्भावस्था के दौरान कब्ज की शिकायत भी होती है। तब फाइबर पाचन को सुचारू रूप से काम करने में मदद कर सकता है। इसी तरह मखाने भी छिटपुट भूख मिटाने के साथ पेट भरने का काम कर सकते हैं। ध्यान बस यह रखें कि इनमें ऊपर से अधिक बटर और नमक न डालें। बाजार के मसालों से भी बचें तो अच्छा होगा। मीठे की भूख मिटाने के लिए एक छोटी एनर्जी बार का उपयोग किया जा सकता है। इससे स्वाद में बैलेंस भी होता है और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिल जाती है। यदि मौसम भुट्टों का हो तो स्वीटकॉर्न भी घर पर कम मसाले में बनाकर खाये जा सकते हैं। मीठे की भूख मिटाने के लिए थोड़ी मात्रा में चॉकलेट का सेवन भी किया जा सकता है।
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गलत खान पान बिगाड़ सकता है सेहत
इन बातों को भी ध्यान में रखें 

यदि डॉक्टर ने आपको अत्यधिक वजन, जेस्टेशनल डायबिटीज (जो गर्भवती महिलाओं में होती है) या किसी अन्य कारण से कोई परहेज बताया है तो उसका पालन अवश्य करें। यदि आपको किसी तरह के खाद्य से एलर्जी हो तो उसका भी ध्यान रखें। स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता न करें। बहुत चटपटी या बाजार के नाश्ते की चीज बच्चे के जन्म के बाद भी कभी खाई जा सकती है। इसलिए ऐसी चीजें चुनें जो आपके और शिशु दोनों की सेहत को प्राथमिकता देता हो, भले ही स्वाद में उतना अच्छा न हो। हमेशा याद रखें कि घर में बनाई गई चीजों या प्राकृतिक तरीके से खाई जाने वाली चीजों (जैसे फल, लस्सी, गुड़, छेना आदि) से सही पोषण मिलने की संभावना और बढ़ जाती है क्योंकि इनमें हम शुद्ध और अच्छे से अच्छे इंग्रेडिएंट्स डालने की कोशिश करते हैं।
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