Subhas Chandra Bose Jayanti 2025: सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में शामिल थे। उन्हें प्यार और सम्मान से नेताजी कहा जाता है। सुभाष चंद्र बोस साहस, त्याग और देशभक्ति की अद्भुत मिसाल हैं। ओडिशा के कटक में जन्मे सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को मनाई जाती है। उन्होंने भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा पास की, लेकिन अंग्रेज़ी सरकार की सेवा करने से इनकार कर दिया था। बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। हालांकि गांधी जी और अन्य नेताओं से विचारधारा में मतभेद के कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान और जर्मनी का सहयोग प्राप्त कर "आजाद हिंद फौज" की स्थापना की।
आजादी के लिए युवाओं को जोश से भर देने वाले नारे दिए, जो आग की तरह पूरे देश में फैलें। इसमें "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" और "दिल्ली चलो " काफी चर्चित रहे। इतना ही नहीं अपने ओजस्वी भाषण और नारों से उन्होंने बाहरी देशों का भी सहयोग प्राप्त किया। सिंगापुर में "आजाद हिंद सरकार" की स्थापना की और स्वयं इसके प्रधानमंत्री बने।
सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर उनके दिए नारे और क्रांतिकारी विचारों को एक बार फिर याद करें ताकि आपके रक्त का एक एक कण देशभक्ति के जज्बे से भर जाए।