सरदार पटेल।
- फोटो : Amar Ujala
आजाद भारत के प्रधानमंत्री बन सकते थे पटेल
जब देश आजाद हुआ तो भारत में नई सरकार बनने की तैयारी शुरू हुई। कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम पर सभी की निगाहें टिकी थी। उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष ही भारत का पहला प्रधानमंत्री होगा। सरदार पटेल की लोकप्रियता के चलते कांग्रेस कमेटी ने नेहरू का नाम प्रस्तावित नहीं किया और पटेल पूर्ण बहुमत से पार्टी के अध्यक्ष बन गए लेकिन इस बात से पार्टी में विच्छेद न हो जाए, इस डर से गांधी जी ने सरदार पटेल को पीछे हटने को कहा। सरदार वल्लभ भाई पटेल का पता था कि वह देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं लेकिन उन्होंने गांधी जी की बात का मान रखा और अपना नामांकन वापस ले लिया।