संन्यासी विश्वास के बल पर टिके रहते हैं
संन्यासी विश्वास के बल पर टिके रहते हैं- किसी देवता पर न हो तो अलौकिक शक्ति पर विश्वास होता है। यदि अपने भीतर की पुरानी लालसाओं और महत्वाकांक्षाओं की गूंज आप तभी सुन पाते हैं जब जीवन शांत हो तो अब यह पता लगाने का समय है कि क्या आप इतने साहसी हैं कि अपना इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें।
आखिर में, इतिहास की दुर्लभ स्त्री संन्यासियों में से एक नॉर्विच की ईसाई रहस्यवादी जूलियन- जो बचपन में प्लेग की शिकार हुईं और वयस्क होने पर गंभीर बीमारी से बच गईं- उनके शब्द हम सब आस्तिकों, अज्ञेयवादियों और नास्तिकों पर लागू होते हैं।
सब अच्छा होगा, सब अच्छी तरह से होगा और सभी चीजें अच्छी तरह से होंगी।
(नोट: तस्वीरें प्रतीकात्मक और सांकेतिक तौर पर इस्तेमाल की गई हैं।)