फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Leap Year 2020: जानिए क्या होता है लीप डे, Google ने Doodle बनाकर किया सेलिब्रेट

Sat, 29 Feb 2020 01:16 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Leap Day - फोटो : Google
इंटरनेट की दुनिया का मशहूर सर्च इंजन Google किसी भी खास दिन के जश्न को मनाने के लिए कुछ न कुछ नया तरीका जरूर ढूंढता है। गूगल उस खास दिन के महत्व को ध्यान में रखते हुए एक स्पेशल डूडल जरूर बनाता है। आज इस साल के फरवरी महीने का 29वां दिन है, जिसे लीप डे के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में आज गूगल ने भी लीप डे को ध्यान में रखते हुए एक खास डूडल बनाया है। आइए जानते हैं गूगल के इस खास डूडल समेत लीप डे के बारे में...
विज्ञापन

2 of 6
Leap Day - फोटो : Pixabay
गूगल ने हरे और पीले रंग का इस्तेमाल करते हुए इस डूडल को बनाया है। गूगल ने पहले O में 28 लिखा है, दूसरे O में 29 और उसके बाद G में 1 लिखा है। आपको बता दें कि पिछला लीप डे 2016 में था। आज के बाद अब यह दिन साल 2024 में आएगा।
विज्ञापन

3 of 6
Leap Day - फोटो : Google
हर चौथे साल में फरवरी 28 के बजाय 29 दिन होते हैं। साथ ही साल में कुल दिनों की संख्या 365 के बजाय 366 होती है। 2020 से पहले 2016 में फरवरी 29 दिनों की थी और आगे 2024 लीप ईयर हो जाएगा।

4 of 6
Leap Day - फोटो : Pixabay
आखिर एक दिन बढ़ता क्यों है?
  • एक कैलेंडर पृथ्वी के मौसम के अनुरूप होता है। एक कैलेंडर में दिनों की संख्या, पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने में लगे समय के बराबर होती है।
  • दरअसल पृथ्वी को सूर्य के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में लगभग 365.242 दिनों का समय लगता है। लेकिन हर साल में आमतौर पर केवल 365 दिन होते हैं। अब यदि पृथ्वी के द्वारा लगाए गए अतिरिक्त समय 0.242 दिन को 4 बार जोड़ा जाए तो यह समय एक दिन के बराबर हो जाता है।
  • इसलिए चार वर्षों में लगभग एक पूर्ण दिन हो जाता है और कैलेंडर में हर चार साल में एक बार अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है। इसी साल को लीप ईयर कहते हैं।
विज्ञापन

5 of 6
कैलेंडर - फोटो : Pixabay
  • देखने में यह गलत लग सकता है। लेकिन इस गलती को ग्रेगोरियन कैलेंडर के जरिए सुधारा गया। यह वही कैलेंडर है जिसे हम आज अपने घरों की दीवारों पर लगाते हैं या मोबाइल पर तारीख देखकर अपनी योजनाएं बनाते हैं।
  • साल 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर पेश किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
लीप ईयर कैसे पता करें?
  • यह कैसे पता किया जाता है कि कोई वर्ष लीप ईयर है या नहीं। किसी भी वर्ष को लीप ईयर होने के लिए इन दो शर्तों का पालन करना जरूरी होता है।
  • पहली शर्त यह है कि उस वर्ष को चार से पूरी तरह भाग दिया जा सकता हो। जैसे 2000 को 4 से पूरी तरह भाग दिया जा सकता है। इसी तरह 2004, 2008, 2012, 2016 और अब यह नया साल 2020 भी इसी क्रम में शामिल है।
  • दूसरी शर्त यह है कि अगर कोई वर्ष 100 से पूरी तरह भाग दिया जा सके तो वह लीप ईयर नहीं होगा। लेकिन अगर वही वर्ष पूरी तरह से 400 की संख्या से विभाजित हो जाता है तो वह लीप ईयर कहलाएगा।
  • उदाहरण के लिए, वर्ष 1500 को 100 से तो विभाजित कर सकते हैं लेकिन यह 400 से पूरी तरह विभाजित नहीं होती है। इसी तरह वर्ष 2000 को 100 और 400 दोनो से पूरी तरह भाग दिया जा सकता है। इसलिए यह लीप ईयर कहलाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें