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Gardening Tips: सर्दियों में गमलों में उगाएं सब्जियां, बाजार जाना भूल जाएंगे

Fri, 19 Dec 2025 04:01 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्दियां हरी-भरी और ताजा सब्जियों का स्वाद लेने का मौसम है, लेकिन ताजा सब्जियों के लिए आपको अपना किचन गार्डन तैयार करना होगा।
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मिर्च और धनिया का पौधा - फोटो : Adobe
दीपिका शर्मा

रीना एक कुशल गृहिणी है, जो अपने परिवार की सेहत का पूरा ध्यान रखती है। पहले वह महंगी और कभी-कभी बासी सब्जियां खरीदने को मजबूर थी, लेकिन दो वर्ष पहले टमाटर के बढ़ते दाम देखकर उसने गमलों में टमाटर उगाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपना किचन गार्डन तैयार कर लिया। अब न बाजार की भीड़ का झंझट है और न महंगी सब्जियों की चिंता। घर में उगी ऑर्गेनिक सब्जियां स्वादिष्ट भी हैं और सेहत के लिए लाभकारी भी। ऐसे में इस सर्दी क्यों न आप भी अपना एक छोटा-सा किचन गार्डन तैयार करें।

कौन से पौधे लगाएं

किचन गार्डन में ऐसे पौधे लगाएं, जो जल्दी बढ़ें और रोजाना के भोजन में काम आएं। आप टमाटर, हरी मिर्च, पालक, मेथी, धनिया, मूली और गाजर जैसे पौधे आसानी से उगा सकती हैं। ये पौधे माइक्रोग्रीन्स के रूप में भी इस्तेमाल होते हैं और बेहद पौष्टिक होते हैं। हर्ब्स के लिए तुलसी, पुदीना, धनिया और लेमनग्रास अच्छे विकल्प हैं। बेल वाली सब्जियां, जैसे कि लौकी और कद्दू ट्रेलिस के सहारे आसानी से बढ़ती हैं। इसके अलावा गोभी और ब्रोकली भी घर में आसानी से उगाई जा सकती हैं। ये सभी पौधे कम जगह और कम खर्च में उग जाते हैं।
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gardening - फोटो : Adobe stock
सही जगह का चयन 

अच्छे किचन गार्डन के लिए सही जगह का चयन बहुत जरूरी है। पौधों को रोजाना 3-5 घंटे धूप, हल्का गरम तापमान और अच्छी हवा चाहिए। टमाटर, हरी मिर्च, पालक, मेथी, धनिया, मूली और गाजर 18-30 डिग्री सेल्सियस में धूप वाली जगह पर अच्छी तरह बढ़ते हैं। हर्ब्स, जैसे तुलसी, पुदीना और लेमनग्रास आधी धूप या हल्की छाया में 15-28 डिग्री सेल्सियस तापमान में सही रहते हैं। बेल वाली सब्जियों को खुली धूप और ट्रेलिस वाली जगह पर 20-32 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए। रोशनी कम हो तो ग्रो लाइट का उपयोग करें।
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गमले और मिट्टी - फोटो : Adobe
गमले और मिट्टी

टमाटर, हरी मिर्च, पालक जैसी चीजें सिरेमिक गमलों में उगाएं, क्योंकि इनमें नमी संतुलित रहती है। तुलसी, पुदीना, धनिया जैसी चीजें सिरेमिक या प्लास्टिक गमलों में अच्छी तरह बढ़ती हैं। बेल वाली सब्जियों को बड़े और गहरे सीमेंट या प्लास्टिक टब में उगाएं। किचन गार्डन की मिट्टी हल्की, भुरभुरी और पोषण युक्त हो। इसके लिए 60 प्रतिशत बगीचे की मिट्टी में 20 प्रतिशत खाद और 20 प्रतिशत रेत मिलाएं। लंबी जड़ों वाले पौधों के लिए 6 इंच गहरा गमला और नीचे कंकड़ की लेयर रखें, ताकि पानी न रुके।

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पौधे में पानी देने का सही तरीका - फोटो : Instagram
पानी की मात्रा

सर्दियों में सब्जी के पौधों को कम मात्रा में और हमेशा दिन में पानी देना चाहिए, क्योंकि ठंड में मिट्टी देर तक गीली रहती है। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह छूकर देखें। अगर वह सूखी लगे, तभी पानी दें। बहुत अधिक पानी जड़ों को सड़ा सकता है। गमलों में जल निकासी अच्छी होनी चाहिए। ठंडी हवा या कोहरे के दिनों में पानी कम दें और पौधों के आस-पास की मिट्टी को हल्का भुरभुरा रखें, ताकि नमी संतुलित बनी रहे।
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नीम तेल आएगा काम - फोटो : iStock
नीम तेल आएगा काम

कृषि विशेषज्ञ ऋषिका कौशिक बताती हैं, होम गार्डनिंग में पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए संतुलित पोषण, सही तकनीक और प्राकृतिक सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए गोबर खाद, वर्मी कंपोस्ट या पत्तियों की खाद का उपयोग करें और हर 2-3 हफ्ते में हल्की मात्रा में खाद डालें। मिक्स्ड प्लांटिंग, जैसे कि टमाटर के साथ धनिया या गाजर के साथ प्याज लगाएं। यह प्राकृतिक कीट नियंत्रण और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने का आसान तरीका है। मल्चिंग से मिट्टी की नमी बनी रहती है और तापमान नियंत्रित रहता है। सर्दियों में पौधों को ठंड से बचाने के लिए रात में कवर करें या तापमान बहुत घटने पर अंदर रखें। कीट नियंत्रण के लिए नीम तेल स्प्रे प्रभावी है। जगह कम है तो दीवारों पर वर्टिकल गार्डनिंग करें।
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