जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं
- फोटो : Amar Ujala
हे प्रभु जगन्नाथ थाम मेरा हाथ,
अपने रथ में ले चल मुझे साथ,
लुभाए न मुझको अब कोई पदार्थ,
मेरा तो बस अब एक ही स्वार्थ,
धर्म युद्ध हो या कर्म युद्ध तू बने सारथी, मैं बनूं पार्थ
अपने रथ में ले चल मुझे साथ
जय जगन्नाथ।