स्कूल और पढ़ाई, हर बच्चे के लिए एक सी हो, यह कतई जरूरी नहीं। कुछ बच्चों को स्कूल जाना बहुत पसंद होता है, कुछ को कम पसंद तो कुछ को बिलकुल नापसंद। कुछ बच्चे स्कूल इसलिए भी जाना चाहते हैं कि वहां उन्हें खेलने और दोस्तों से मिलने का मौका मिलेगा। पर स्कूल जाना जरूरी भी है और महत्वपूर्ण भी। इसी तरह स्कूल में दिए गए होमवर्क को करना भी जरूरी है। होमवर्क को लेकर भी हर बच्चा उत्साहित हो यह जरूरी नहीं, लेकिन पढ़ाई के साथ होमवर्क करना भी जरूरी तो है, क्योंकि इससे न केवल पढ़े हुए के रिवीजन का मौका मिलता है, बल्कि अभ्यास भी बना रहता है।
कई पैरेंट्स की यह शिकायत होती है कि उनका बच्चा होमवर्क का नाम सुनते ही भाग खड़ा होता है, टालने लगता है, चिड़चिड़ाने लगता है या होमवर्क करने से साफ़ मना कर देता है। यह पैरेंट्स के लिए कई बार चुनौती बन जाती है। खासकर जब बच्चे की उम्र कम हो। अगर आपके साथ भी यह चुनौती है तो इन 4 तरीकों को अपनाकर देखिये, हो सकता है आपकी मुश्किल हल हो जाये और बच्चा होमवर्क में दिलचस्पी लेने लगे।