Indian National Flag Rules: तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में लोग अपने घरों, स्कूलों और संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि राष्ट्रीय ध्वज को फहराने, प्रदर्शित करने, रखने और उतारने के लिए कुछ खास नियम निर्धारित हैं?
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से जुड़े नियम फ्लैग कोड आफ इंडिया 2002 में दिए गए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार यह संहिता 26 जनवरी 2002 से प्रभावी हुई और इसमें राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित कानून, परंपराएं, प्रथाएं और निर्देश शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़े मामलों पर राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) भी लागू होता है।
अधिकतर लोगों को लगता है कि खास राष्ट्रीय पर्वों पर ही घर पर तिरंगा फहराया जा सकता है। लेकिन नियम है कि आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों और अवसरों पर गरिमा एवं सम्मान के साथ फहरा या प्रदर्शित कर सकते हैं। 2022 के संशोधन के बाद घर या खुले में तिरंगे को दिन-रात फहराने की अनुमति भी है।
लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि तिरंगे को किसी भी तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। उसे जमीन पर गिराना, उल्टा लगाना, खराब या अस्त-व्यस्त स्थिति में प्रदर्शित करना, सजावट के सामान की तरह इस्तेमाल करना या कुछ विशेष वस्तुओं पर प्रिंट करना नियमों के विरुद्ध हो सकता है। इसलिए 15 अगस्त या किसी भी दिन तिरंगा फहराने से पहले इन जरूरी बातों को जान लेना बेहद महत्वपूर्ण है।