फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Flag Rules: तिरंगा फहराते समय इन नियमों का रखें ध्यान, जानें 10 रोचक तथ्य

Sat, 15 Aug 2026 07:03 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Flag Rules:फ्लैग कोड आफ इंडिया में जुलाई 2022 के संशोधन के बाद घर या खुले में प्रदर्शित राष्ट्रीय ध्वज को दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। हालांकि तिरंगा हमेशा गरिमा और सम्मान के साथ प्रदर्शित होना चाहिए तथा खराब या अस्त-व्यस्त झंडा नहीं लगाया जाना चाहिए।

विज्ञापन
1 of 8
तिरंगा फहराने के नियम - फोटो : AI

Indian National Flag Rules: तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में लोग अपने घरों, स्कूलों और संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि राष्ट्रीय ध्वज को फहराने, प्रदर्शित करने, रखने और उतारने के लिए कुछ खास नियम निर्धारित हैं?

भारत में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से जुड़े नियम फ्लैग कोड आफ इंडिया 2002 में दिए गए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार यह संहिता 26 जनवरी 2002 से प्रभावी हुई और इसमें राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित कानून, परंपराएं, प्रथाएं और निर्देश शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़े मामलों पर राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) भी लागू होता है।

अधिकतर लोगों को लगता है कि खास राष्ट्रीय पर्वों पर ही घर पर तिरंगा फहराया जा सकता है। लेकिन नियम है कि आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों और अवसरों पर गरिमा एवं सम्मान के साथ फहरा या प्रदर्शित कर सकते हैं। 2022 के संशोधन के बाद घर या खुले में तिरंगे को दिन-रात फहराने की अनुमति भी है।

लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि तिरंगे को किसी भी तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। उसे जमीन पर गिराना, उल्टा लगाना, खराब या अस्त-व्यस्त स्थिति में प्रदर्शित करना, सजावट के सामान की तरह इस्तेमाल करना या कुछ विशेष वस्तुओं पर प्रिंट करना नियमों के विरुद्ध हो सकता है। इसलिए 15 अगस्त या किसी भी दिन तिरंगा फहराने से पहले इन जरूरी बातों को जान लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

 

विज्ञापन

2 of 8
15 अगस्त झंडा फहराने का समय - फोटो : AI

1. घर पर तिरंगा फहराने की है अनुमति

  • राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ सरकारी इमारतों तक सीमित नहीं है।
  • गृह मंत्रालय के अनुसार आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान भी राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों या अवसरों पर फहरा जा सकता है, बशर्ते उसकी गरिमा और सम्मान बना रहे।
  • इसलिए 15 अगस्त पर घर की छत या उपयुक्त स्थान पर तिरंगा फहराना संभव है।
  • लेकिन इसे लगाने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि झंडा साफ, सही स्थिति में और ठीक तरीके से लगा हुआ हो।


2. अब रात में भी फहरा सकते हैं तिरंगा

  • राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा यह नियम काफी लोगों को पता नहीं है।
  • 20 जुलाई 2022 के संशोधन के बाद घर या खुले में तिरंगे को दिन और रात फहराने की अनुमति है।
  • ध्यान रखें कि यह प्रावधान खुले में या किसी सदस्य के घर पर प्रदर्शित झंडे से संबंधित है।
  • सार्वजनिक भवनों के लिए फ्लैग कोड में अलग निर्देश हैं।
  • वहां सामान्यतः झंडा सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, जब तक सरकार की ओर से अलग निर्देश न हों।
विज्ञापन

3 of 8
भारतीय ध्वज - फोटो : Istock

3. तिरंगे को उल्टा नहीं फहराना चाहिए

  • राष्ट्रीय ध्वज की सबसे महत्वपूर्ण पहचान उसके तीन रंग हैं।
  • ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग होता है।
  • सफेद पट्टी के बीच गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होता है।
  • गृह मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज को उल्टे तरीके से प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। यानी केसरिया पट्टी नीचे नहीं होनी चाहिए।


4. तिरंगे को जमीन या पानी से न लगने दें

  • राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह नहीं लगाया जाना चाहिए कि वह जमीन या फर्श को छुए अथवा पानी में घसीटे।
  • इसी तरह उसे ऐसी स्थिति में भी नहीं बांधना चाहिए जिससे झंडे को नुकसान पहुंचे।
  • स्वतंत्रता दिवस के बाद सड़कों पर पड़े कागज के छोटे झंडों को लेकर भी सावधानी जरूरी है।
  • गृह मंत्रालय के अनुसार कागज के झंडों को जमीन पर फेंकना नहीं चाहिए।
  • उन्हें निजी तौर पर, राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को ध्यान में रखते हुए नष्ट या त्यागना चाहिए।

4 of 8
15 august indian flag - फोटो : AI Generated

5. खराब या फटा हुआ तिरंगा प्रदर्शित न करें

  • अगर राष्ट्रीय ध्वज फट गया है, बहुत गंदा हो गया है या अस्त-व्यस्त स्थिति में है तो उसे प्रदर्शित नहीं करना चाहिए।
  • क्षतिग्रस्त और अव्यवस्थित राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित न करने की स्पष्ट सलाह दी गई है।
  • अगर झंडा खराब हो जाए तो उसे सम्मानजनक तरीके से नष्ट करना चाहिए।
  • क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज को निजी तौर पर और उसकी गरिमा को ध्यान में रखते हुए, पूरा नष्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए जलाना या कोई अन्य उपयुक्त तरीका अपनाया जा सकता है।


6. तिरंगे को सजावट का सामान न बनाएं

  • स्वतंत्रता दिवस पर अक्सर बाजारों में तिरंगे से जुड़ी सजावटी वस्तुएं दिखाई देती हैं।
  • लेकिन वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज को फेस्टून, रोसेट, बंटिंग या सजावट के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
  • इसलिए घर सजाते समय तिरंगे की वास्तविक ध्वजा के बजाय केसरिया, सफेद और हरे रंग की सामान्य सजावटी सामग्री का इस्तेमाल करना बेहतर है।
विज्ञापन

5 of 8
भारतीय तिरंगा indian flag - फोटो : AI Generated

7. कपड़ों और कुछ वस्तुओं पर तिरंगे का इस्तेमाल

  • राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों में कपड़ों और कुछ अन्य वस्तुओं को लेकर भी विशेष प्रावधान हैं।
  • राष्ट्रीय ध्वज को कमर के नीचे पहने जाने वाले कास्ट्यूम, यूनिफार्म या एक्सेसरीज के हिस्से के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
  • इसी तरह इसे कुशन, रुमाल, नैपकिन, अंडरगार्मेंट या ड्रेस मटेरियल पर कढ़ाई या प्रिंट करने की मनाही है।
  • यही कारण है कि स्वतंत्रता दिवस की फैशन थीम तैयार करते समय तिरंगे के रंगों से प्रेरित डिजाइन और वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल के बीच अंतर समझना जरूरी है।


8. तिरंगे पर कुछ लिखना भी नियमों के खिलाफ है

  • राष्ट्रीय ध्वज पर किसी तरह का लिखावट नहीं होना चाहिए।
  • वास्तविक तिरंगे पर नाम, स्लोगन, शुभकामना संदेश या कोई अन्य लिखावट नहीं करनी चाहिए।
  • देशभक्ति का संदेश देना हो तो अलग पोस्टर, बैनर या सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
विज्ञापन

6 of 8
तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : instagram

9. तिरंगे को किसी सामान को लपेटने के लिए इस्तेमाल न करें

  • राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किसी वस्तु को लपेटने, रिसीव करने या डिलीवर करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
  • इसी तरह किसी वाहन के किनारे, पीछे या ऊपर को ढकने के लिए भी राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
  • यह नियम खास तौर पर स्वतंत्रता दिवस के दौरान होने वाली सजावट के संदर्भ में ध्यान रखने लायक है।


10. सार्वजनिक भवनों पर झंडा फहराने का तरीका अलग है

  • सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन के लिए फ्लैग कोड में विशेष निर्देश हैं।
  • सार्वजनिक भवनों पर इसे सामान्यतः सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है।
  • इसे तेजी से ऊपर चढ़ाया तथा धीरे-धीरे नीचे उतारा जाना चाहिए।
  • जब राष्ट्रीय ध्वज को किसी दीवार पर क्षैतिज रूप से लगाया जाए तो केसरिया पट्टी ऊपर होनी चाहिए।
  • ऊर्ध्वाधर प्रदर्शन में भी रंगों की दिशा को सही रखना जरूरी है।
विज्ञापन

7 of 8
तिरंगा - फोटो : Istock

11. तिरंगे का आकार और अनुपात कितना होता है?

  • राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होता है और उसकी लंबाई तथा चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए।
  • झंडा किसी भी आकार का हो सकता है, लेकिन निर्धारित अनुपात बना रहना चाहिए।


12. तिरंगे के बीच में क्या बना होता है?

  • राष्ट्रीय ध्वज की सफेद पट्टी के बीच गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होता है।
  • इसमें 24 बराबर दूरी पर स्थित तीलियां होती हैं।
  • अशोक चक्र तिरंगे की सबसे प्रमुख पहचान में से एक है और इसे दोनों तरफ से पूरी तरह दिखाई देने वाला होना चाहिए। 
विज्ञापन

8 of 8
भारत में तिरंगे के सम्मान के लिए कानून। - फोटो : अमर उजाला

13. क्या तिरंगा सिर्फ खादी का ही होना चाहिए?

  • दिसंबर 2021 में फ्लैग कोड में संशोधन के बाद पाॅलिस्टर और मशीन मेड फ्लैग को भी अनुमति दी गई।
  • वर्तमान प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज हाथ से बना, मशीन मेड काॅटन, पाॅलिस्टर, ऊनी, सिल्क या खादी से बना हो सकता है। 



राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कानून क्या कहता है?

  • राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े मामलों में Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 महत्वपूर्ण कानून है।
  • इसके तहत सार्वजनिक स्थान या जनता की नजर में आने वाली जगह पर राष्ट्रीय ध्वज को जलाना, नुकसान पहुंचाना, अपवित्र करना, विकृत करना, नष्ट करना, पैरों तले रौंदना या अन्य तरीके से उसका अनादर करना दंडनीय हो सकता है।
  • कानून में ऐसे मामले में तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। 
     
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें