15 August Flag Hoisting Rules: देशवासी भारत की आजादी का जश्न हर साल 15 अगस्त को मनाते हैं। कई वर्षों तक भारत ब्रिटिश हुकूमत के आधीन रहा। इसके बाद देश के सपूतों ने आजादी की जंग छेड़ दी। कई आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम के लिए आवाजें उठीं, जिसके बाद 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया। इस दिन दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने झंडारोहण कर भारत की आजादी का उद्घोष किया।
वहीं 25 जनवरी 1950 को भारत को गणतंत्र घोषित करते हुए राष्ट्रपति डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने कर्तव्य पथ से तिरंगा फहराया। दोनों ही दिन इतिहास में राष्ट्रीय पर्व के रूप में दर्ज हो गए। हर साल देशवासी तिरंगे को सलामी देते हैं। खुले आसमान में राष्ट्रीय ध्वज जब हवा में लहराता है, तो ये इस बात का सबूत होता है कि भारतीय आजाद हैं और लोकतंत्र का हिस्सा हैं।
हालांकि ध्वज के लहराने में कुछ अंतर जरूर है। यानी 15 अगस्त और 26 जनवरी के तिरंगे में कुछ अंतर हैं। एक दिन ध्वजा रोहण होता है तो दूसरे मौके पर तिरंगा फहराया जाता है। सामान्यत: लोग इसे एक ही समझ लेते हैं। लेकिन दोनों में बड़ा अतंर है। ये अंतर, स्थान, प्रक्रिया और उद्देश्य का है।
अब सवाल है कि इस 15 अगस्त 2026 को तिरंगा फहराया जाएगा या ध्वजारोहण किया जाएगा? आइए जानते हैं दोनों का अंतर और नियम।